Home Latest News & Updates FIR वापस होगी, जेल में बंद छूटेंगे, बिहार में नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बड़ा फैसला

FIR वापस होगी, जेल में बंद छूटेंगे, बिहार में नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बड़ा फैसला

by Amit Dubey 28 July 2026, 8:10 AM IST (Updated 28 July 2026, 8:13 AM IST)
28 July 2026, 8:10 AM IST (Updated 28 July 2026, 8:13 AM IST)
Bihar NEET Protest Case

Bihar NEET Protest Case: बीते दिनों बिहार में नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था. इसमें कई जगहों पर हिंसा की भी घटना सामने आई थी. प्रदेश के सिवान जिला में तो एक जवान एके-47 से प्रदर्शनकारियों की ओर कई राउंड फायरिंग करते हुए दिखा, हालांकि, इसका वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी जवान को सस्पेंड कर दिया गया.

बिहार में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई मामले दर्ज किए गए थे और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया था. अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने इनको राहत देते हुए एक बड़ा ऐलान किया है.

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस होंगे

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को बिहार सरकार ने घोषणा की कि वह NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेगी और विभिन्न आरोपों में जेल में बंद लोगों को रिहा करेगी.

राज्य के गृह विभाग ने देर शाम इस संबंध में एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि “26.07.2026 को शाम 6 बजे से पहले विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सरकार द्वारा कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई – दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक – नहीं की जाएगी.”

पुलिस के अनुसार, वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद को लागू कराने के लिए कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था और 339 नाबालिगों को छोड़ने के बाद, शेष 355 लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया था और वे संबंधित अदालतों में मुकदमे का सामना कर रहे थे.

भविष्य में भी कोई कार्रवाई ना करने की बात

बयान में यह स्पष्ट किया गया कि विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सभी एफआईआर, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. इसमें आगे कहा गया है, “इसके अलावा, इन मामलों के संबंध में गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को तत्काल रिहा कर दिया जाएगा” और “भविष्य में भी ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.”

डीजीपी को सौंपा गया था ज्ञापन

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घोषणा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा बिहार के डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात करने और सभी मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपने के कुछ ही घंटों बाद आई है. नेहा बोरा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वालों में से एक थीं.

उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा था कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो राज्य में “दिल्ली के जंतर-मंतर जैसे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन” हो सकते हैं, और इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि बिहार में सम्राट चौधरी सरकार कथित तौर पर मनमानी कर रही है, “जबकि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.”

25 जुलाई को बिहार भर में प्रदर्शन

बता दें कि नीट परीक्षा के पेपर लीक मुद्दे और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ राज्यव्यापी बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार भर में प्रदर्शन किए थे, जिनमें से कुछ हिंसक हो गए थे. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की थी.

सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी कार्रवाई

News Source: PTI

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