Home Top News CBI के हाथ आई ट्विशा केस की कमान, 20 लाख दहेज की डिमांड के आधार पर होगी जांच

CBI के हाथ आई ट्विशा केस की कमान, 20 लाख दहेज की डिमांड के आधार पर होगी जांच

by Nitin Thakur 26 May 2026, 10:54 AM IST (Updated 26 May 2026, 12:16 PM IST)
26 May 2026, 10:54 AM IST (Updated 26 May 2026, 12:16 PM IST)
Twisha Case

CBI Probe in Twisha Case: ट्विशा के परिवार की ओर से वकील अंकुर पांडे ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए आवेदन दिया है. वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष यानी ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से भी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर अदालत में अर्जी लगाई गई है. इस हाई-प्रोफाइल केस में सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज को सबसे अहम तकनीकी साक्ष्य माना जा रहा है, ताकि भविष्य में जांच और सुनवाई के दौरान किसी भी तरह की कानूनी बाधा न आए. सोमवार को भोपाल पुलिस द्वारा रिपोर्ट पेश न कर पाने के कारण कोर्ट ने पुलिस को अतिरिक्त समय देते हुए सुनवाई आज के लिए बढ़ा दी थी. आज पुलिस द्वारा कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने की पूरी संभावना है.

सीबीआई ने संभाली कमान

इस बीच मामले की जांच अब पूरी तरह से सीबीआई के हाथों में आ गई है. सीबीआई की टीम सोमवार को भोपाल पहुंची और कटारा हिल्स थाने में दर्ज पुरानी एफआईआर को री-रजिस्टर करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु का संगीन मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि ट्विशा से विवाह के बाद 20 लाख अतिरिक्त दहेज की डिमांड की जा रही थी, जिसे सीबीआई ने अपनी एफआईआर का मुख्य आधार बनाया है.

एसआईटी ने घर पहुंचकर ढाई घंटे की पूछताछ

सोमवार शाम करीब 7.30 बजे एसआईटी की टीम बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित आरोपी समर्थ सिंह के घर पहुंची. टीम ने बंद कमरे में समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक कड़ी पूछताछ की. देर शाम सीबीआई और एसआईटी की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से स्पॉट वेरिफिकेशन भी कराया, ताकि मौत की कड़ियों को जोड़ा जा सके. उल्लेखनीय है कि ट्विशा और समर्थ की शादी पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को हुई थी.

क्राइम सीन से छेड़छाड़ की होगी जांच

सीबीआई अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि घटना की सूचना पुलिस को इतनी देरी से क्यों दी गई. ट्विशा ने 12 मई की रात 10.20 बजे फांसी लगाई थी, लेकिन एम्स अस्पताल से 13 मई की सुबह 5 बजे मर्ग नोट कराया गया. ट्विशा के परिजनों का सीधा आरोप है कि क्रिमिनल लॉयर होने के नाते समर्थ सिंह ने केस को प्रभावित करने और साक्ष्यों को नष्ट करने की नीयत से पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी. मौत की पुष्टि होने के बाद भी समर्थ अस्पताल से घर लौट आया था. सीबीआई की एफआईआर में भी पुलिस को सूचना देने में हुई इस अतिरिक्त देरी को संदिग्ध माना गया है और अब मर्ग नोट करने वाले डॉक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी.

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