Home Latest News & Updates जंगलों में माओवादियों का छिपा जखीरा बरामद! राइफल, डेटोनेटर और IED समेत भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त

जंगलों में माओवादियों का छिपा जखीरा बरामद! राइफल, डेटोनेटर और IED समेत भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त

by Sachin Kumar 7 September 2026, 2:13 PM IST
7 September 2026, 2:13 PM IST
Chhattisgarh CRPF recovers arms 14 Maoist dumps

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत CRPF के जवानों को बड़ी कामयाबी मिली है. विश्वसनीय सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि बरामद किए गए सामान में राइफल, डेटोनेटर और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) शामिल हैं. आशंका है कि माओवादियों ने इन हथियारों को सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए छिपाकर रखा था.

हालांकि, CRPF के जवानों अपनी सक्रियता दिखाते हुए जखीरे को बरामद कर माओवादियों की इस साजिश को नाकाम कर दिया. बता दें कि इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी से मुक्त घोषित किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में तलाशी और नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं.

इन हथियारों को किया गया बरामद

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि इन हथियारों की बरामदगी CRPF की 199वीं बटालियन ने एड़ी, हरी, नयापारा, सरपंचपारा पिड़िया और कुआपगुडा गांवों के पास जंगली इलाकों में तलाशी अबियान के दौरान की गई. उन्होंने बताया कि जब्त किए गए विस्फोटक सामान में सात राइफलें, आठ डेटोनेटर, 10 IED, कॉडेक्स वायर, बिना बैटरी वाला वायरलेस सेट, चार प्लास्टिक कंटेनर और तीन बड़े स्टील कंटेनर शामिल थे.

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99 तरह की चीजें बरामद की गई

माओवादियों के जखीरे में कुल 99 तरह की चीजें बरामद की गई हैं, जिनमें IED बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान, बिजली का सामान और माओवादियों के कपड़े भी शामिल हैं. वहीं, माओवादियों की गतिविधियों की वजह से एड़ी, हरी, पिडिया-कुआगपुडा और आस-पास के इलाकों को काफी संवेदनशील माना जाता है. यहां से किसी भी गैर-कानूनी गतिविधियों को आसानी से किया जा सकता है.

माओवादियों का हो रहा है प्रभाव कम

वहीं, CRPF की 199वीं बटालियन की सक्रियता की वजह से माओवादियों का यहां पर लगातार असर कम होता जा रहा है. साथ ही ग्रामीणों के अंदर भी सुरक्षा की भावना काफी मजबूत हुई है. CRPF की कोशिश होती है कि किसी भूले भटके माओवादी को शांति के रास्त के माध्यम से मुख्यधारा में लाया जाए. अगर दूसरी तरफ से हमला किया जाता है तो सीआरपीएफ के जवानों को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है. दूसरी ओर बटालियन कमांडेंट आनंद कुमार ने कहा कि फोर्स आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इलाके में शांति और विकास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि इंटेलिजेंस पर आधारित ऑपरेशन को और मजबूत किया जाएगा और इलाके को माओवादियों से मुक्त करवाने के लिए ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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