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महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी! 52% तक बढ़ी मांग, सरकार ने दिए जांच के आदेश

by Amit Dubey 26 May 2026, 2:57 PM IST (Updated 26 May 2026, 3:50 PM IST)
26 May 2026, 2:57 PM IST (Updated 26 May 2026, 3:50 PM IST)
Fuel Hoarding News

Fuel Hoarding News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के साथ उतार-चढ़ाव देखी जा रही है. इस बीच 25 मई को देश में एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. सोमवार को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया. देश के अधिकतर राज्यों में इनके दाम 100 रुपये या इसके ऊपर जा चुके हैं. महाराष्ट्र में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

इस बीच महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो गया है. इसके कारण इस अहम समुद्री रास्ते से भारत समेत दुनिया के कई देशों को कच्चे तेल को लाने में काफी दिक्कत हो रही है. यह रास्ता ईरान के द्वारा पूरी तरह से बाधित कर दिया गया है.

इसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचत के मंत्र को लेकर अपील की थी. बीते दिनों उन्होंने देश के नागरिकों से कहा था कि आप कम से कम पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें और अपनी प्राइवेट गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करें. पीएम मोदी की इस अपील से देश के कई राज्यों में प्रभाव भी दिखा, लेकिन महाराष्ट्र से एक अलग ही खबर सामने आई है. यहां तेल के बढ़ते दामों के बीच इनकी जमाखोरी के मामले सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए जांच के आदेश दे दिए हैं. आइए जाते हैं पूरा मामला.

पेट्रोल पंपों के माध्यम से अतिरिक्त आपूर्ति – सीएम

आज मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में पेट्रोल और डीजल की मांग में असामान्य वृद्धि पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सरकार को जमाखोरी का संदेह है और वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए डायवर्जन किया जा रहा है. पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि पेट्रोल पंपों के माध्यम से अतिरिक्त आपूर्ति की जा रही है, लेकिन सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या नियमित खुदरा खपत के लिए निर्धारित ईंधन की जमाखोरी की जा रही है या अनधिकृत वाणिज्यिक उपयोग के लिए उसका दुरुपयोग किया जा रहा है.

पेट्रोल की मांग 23% और डीजल में 52% की बढ़त- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा, “पेट्रोल की मांग औसत खपत से 23 प्रतिशत अधिक है, जबकि डीजल की मांग में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पेट्रोल पंपों के माध्यम से अतिरिक्त मात्रा में आपूर्ति करने के बावजूद, कमी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है.” उन्होंने आगे कहा कि कई जिलों में खपत में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है. सीएम फडणवीस ने बताया कि अकोला में खपत में 154 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छत्रपति संभाजीनगर और बीड में यह 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है.

जमाखोरी को लेकर जांच के आदेश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “एक तरफ पेट्रोल और डीजल की औसत खपत में असामान्य वृद्धि दिखाई देती है, वहीं दूसरी तरफ व्यावसायिक ईंधन की खपत में थोड़ी कमी आई है. हमें यह सत्यापित करने की आवश्यकता है कि क्या सामान्य ईंधन की बढ़ी हुई खपत व्यावसायिक उपयोग की ओर मोड़ी जा रही है.” उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ लोग स्थिति का अनुचित लाभ उठा रहे हैं.”

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “जमाखोरी के संकेत मिले हैं. ईंधन आपूर्ति विभाग और गृह विभाग अब संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे. हमने निर्देश जारी किए हैं क्योंकि डीजल की मांग में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और हम अभी भी उस मांग को पूरा कर रहे हैं. इसका मतलब है कि कहीं न कहीं जमाखोरी हो रही है और हम इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं.”

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News Source: PTI

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