Gujarat Crime: गुजरात के मेहसाना में पुलिस ने मसाला रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पांच को गिरफ्तार किया है. उन पर तीन करोड़ रुपये का जीरा चुराने का आरोप है.
Gujarat Crime: गुजरात के मेहसाना में पुलिस ने मसाला रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पांच को गिरफ्तार किया है. उन पर तीन करोड़ रुपये का जीरा चुराने का आरोप है. गुजरात के मेहसाना जिले के उन्झा कस्बे में गोदामों को लूटने और 3 करोड़ रुपये के मसाले का स्टॉक चुराने के आरोप में एक वकील और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मेहसाना जिले के सबसे बड़े जीरा व्यापार केंद्र उन्झा कस्बे में जीरा के गोदामों को लूटा गया था. पुलिस ने बताया कि आरोपियों में पाटन का एक वकील भी शामिल था. आरोपियों ने 12 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2025 के बीच उन्वा राजमार्ग पर स्थित दो गोदामों में नकली चाबियों का इस्तेमाल करके सेंध लगाई और रात में सैकड़ों बोरी जीरा चुरा लिया. मेहसाना के पुलिस उपाधीक्षक दिनेश सिंह चौहान ने रविवार को बताया कि जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. चोरी हुआ मसाला दो व्यापारियों का था, जिन्होंने 4 जनवरी को उनावा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. अधिकारी ने बताया कि दो एफआईआर दर्ज की गई थीं.
कम दाम पर जीरा बेचने पर हुआ संदेह
चौहान ने बताया कि स्थानीय अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि कुछ लोग उन्झा के व्यापारियों से संपर्क कर रहे थे और उन्हें कम दामों पर जीरा बेच रहे थे. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर एक ट्रक चालक की पहचान कर उससे पूछताछ की गई. इससे पुलिस को एक आरोपी जुम्मा खान तक पहुंचने में मदद मिली, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ. उन्होंने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी पाटन जिला अदालत में वकालत करने वाले वकील इकराम मेमन को वजाहत खान, जुम्मा खान, सादिक मेमन और गौरव पटेल के साथ गिरफ्तार कर लिया . उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित इमरान जमील और उसका साथी फरार है. चौहान ने कहा कि दिसंबर के मध्य से 2 जनवरी तक व्यापारियों ने गोदामों में एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया था. हालांकि, वह वहां रहने के बजाय हर दिन ताले चेक करके चला जाता था.
आरोपियों से 45 लाख रुपये नकद बरामद
उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपियों ने असली तालों की जांच करके नकली चाबियां बनवाई थीं और रात में इन्हीं चाबियों का इस्तेमाल करके गोदामों में प्रवेश किया था. मजदूरों और ट्रकों को बुलाया गया और 10 चक्करों में लगभग 3 करोड़ रुपये का जीरा चुरा लिया गया. पुलिस के अनुसार, दिल्ली स्थित जमील द्वारा योजना बनाने के बाद आरोपी वकील ने चोरी को अंजाम देने के लिए एक स्थानीय गिरोह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस ने बताया कि फरार जमील चाबी बनाने में माहिर है और उसने नकली चाबियां तैयार की थीं. पुलिस ने यह भी बताया कि गौरव पटेल की भूमिका पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने की थी, जबकि जुम्मा खान ने ट्रक और मजदूरों का इंतजाम किया था. उन्होंने बताया कि अन्य आरोपी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सादिक मेमन ने चोरी को अंजाम देने में सहायता की. वजाहत खान बाजार में चोरी का जीरा बेचने में शामिल था. चौहान ने बताया कि आरोपियों ने किसान बनकर डीसा और उन्झा मंडी यार्ड में चोरी के जीरे का एक हिस्सा बेचा. उन्होंने बताया कि पुलिस ने अब तक गिरफ्तार आरोपियों से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं और 121 बोरी बिना बिका जीरा जब्त किया है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
