Home Latest News & Updates अहमदाबाद के बोपल में जलभराव से जनजीवन बेहाल, घरों पर ताले, आंखों में आंसू, आशियाना छोड़ने पर मजबूर

अहमदाबाद के बोपल में जलभराव से जनजीवन बेहाल, घरों पर ताले, आंखों में आंसू, आशियाना छोड़ने पर मजबूर

by Nikul Patel 26 July 2026, 3:26 PM IST
26 July 2026, 3:26 PM IST
अहमदाबाद के बोपल में जलभराव से जनजीवन बेहाल, घरों पर ताले, आंखों में आंसू, आशियाना छोड़ने पर मजबूर

Heavy Rain: गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद का बोपल इलाका लगातार हुई भारी बारिश के बाद पिछले चार दिनों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. हालात ऐसे हैं कि कई सोसायटियों में अब भी पानी भरा हुआ है. अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं और कई प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं. जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पानी निकालने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.

पानी से घरेलू सामान खराब

Live Times की टीम जब बोपल के प्रभुकृपा सोसायटी और आसपास के इलाकों में ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो हालात बेहद चिंताजनक दिखाई दिए. कई घरों के बाहर अब भी पानी जमा है, जबकि कुछ घरों के अंदर तक पानी घुस चुका है. लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया है और कई परिवार मजबूरी में अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों या परिचितों के यहां रहने चले गए हैं. कई मकानों पर ताले लटके दिखाई दिए, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि लोग अपने ही आशियाने छोड़ने को मजबूर हो गए हैं.

नहीं मिल रहा पीने का पानी

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले चार दिनों से उन्हें पीने का साफ पानी और दूध जैसी जरूरी चीजें भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया है. बारिश के बाद शहर में जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण पानी अब तक नहीं निकल पाया है. कई स्थानों पर नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पानी का दबाव नहीं झेल सके, जिससे स्थिति और खराब हो गई.

बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा

बोपल के कई अंडरपास पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं. सड़कों पर जमा पानी के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा. कई वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों को धक्का लगाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना पड़ा. स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण अब बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. गंदे और बदबूदार पानी के बीच रहने को मजबूर लोग संक्रमण और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को लेकर चिंतित हैं.

जल निकासी व्यवस्था चरमराई

उनका कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं. ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने, जल निकासी की व्यवस्था तेज करने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी खाद्य सामग्री, पीने का पानी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने की मांग की. उनका कहना है कि चार दिनों से वे लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक पर्याप्त राहत नहीं मिली है. बोपल में बने हालात एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं.

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