UP Politics : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी का मिशन है कि तीसरी बार सत्ता में वापसी की जाए. इसके लिए पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ कमजोर सीटों पर फोकस, सामाजिक समीकरण साधने और उम्मीदवारों के चयन की रणनीति पर काम कर रही है. बीजेपी का फोकस करीब 100 कमजोर सीटों पर है..
कमजोर सीट पर रहेगा फोकस
बीजेपी की रणनीति में सबसे अहम फोकस उन करीब 100 विधानसभा सीटों पर है, जहां हालिया लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था. इन सीटों पर संगठन की स्थिति, बूथ स्तर की कमियां, सामाजिक समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की पकड़ का आकलन किया जाएगा. पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले इन सीटों पर संगठन को इतना मजबूत किया जाए कि लोकसभा चुनाव में सामने आई कमजोरियों को विधानसभा चुनाव में दोहराया न जाए.
क्या है बीजेपी का ‘4C Plan’?
- सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक संवाद मजबूत करने की रणनीति है.
- बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करना बीजेपी की प्राथमिकता है. लगातार बैठकें और समीक्षा के जरिए बूथ की कमियों को दूर करने पर जोर होगा.
- OBC, दलित और दूसरे सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश होगी. विपक्ष के PDA नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मॉडल को आगे बढ़ाएगी.
- कमजोर सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों की तलाश होगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जो पार्टी को चुनावी फायदा दिला सकें.
BJP इन मुद्दों को बनाएगी चुनावी कैंपेन का हिस्सा
- 2027 के चुनाव में बीजेपी योगी सरकार के कामकाज को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में है.
- मुफ्त राशन, आवास और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के साथ सड़क, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को जनता के बीच ले जाने की रणनीति है.
- ई तथा दंगामुक्त माहौल को सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाएगा.
- शिक्षा और रोजगार पर विपक्ष को जवाब देने की तैयारी.
- विपक्ष 2027 के चुनाव में शिक्षा, रोजगार और नौकरियों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
- इसके जवाब में बीजेपी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई को सामने रखेगी.
- यानी चुनावी नैरेटिव में विकास और कानून-व्यवस्था के साथ शिक्षा और रोजगार भी अहम मुद्दे बनने जा रहे हैं.
यूपी में 2027 चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी तैयारी, आज योगी मंत्रिमंडल का होगा विस्तार
PDA के मुकाबले ‘सबका साथ’ का नैरेटिव
2027 में बीजेपी और विपक्ष के बीच सामाजिक समीकरण को लेकर भी बड़ी राजनीतिक लड़ाई देखने को मिल सकती है. विपक्ष जहां PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के जरिए सामाजिक गोलबंदी की कोशिश करेगा. वहीं, बीजेपी इसके मुकाबले अपने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नैरेटिव को मजबूत करेगी.
बीजेपी की रणनीति में OBC और दलित वर्गों तक पहुंच बढ़ाना खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार और संगठन में बैठकों का दौर चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच बैठकों का दौर जारी है.
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की
बीजेपी की कोशिश चुनाव से पहले संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत शीर्ष नेताओं के यूपी दौरे भी चुनावी तैयारी का हिस्सा होंगे. तीसरी बार सरकार के लिए बीजेपी की असली चुनौती बीजेपी के सामने चुनौती सिर्फ सत्ता में वापसी की नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की है. इसके लिए पार्टी एक तरफ अपने विकास और कानून-व्यवस्था के काम को चुनावी मुद्दा बनाएगी, तो दूसरी तरफ कमजोर सीटों पर संगठन, सामाजिक समीकरण और उम्मीदवारों की रणनीति को धार देगी.
मिशन 2027 की तैयारी: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने फिर छेड़ा ‘संविधान खतरे में’ का राग
