Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण जल प्रलय के बाद हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. तिब्बत की ओर ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल की नदी में अचानक भयावह बाढ़ आने से बड़े पैमाने पर जनहानि और नुकसान की जानकारी सामने आई है. इस प्राकृतिक आपदा के बीच गुजरात से जुड़े 23 लोगों के लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी गुजरात स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की 28 अगस्त को सुबह 11:13 बजे की रिपोर्ट में सामने आई है. वहीं, इस हृदयविदारक त्रासदी पर संत मोरारी बापू ने नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 51 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है.
कथा वाचक ने जताया गहरा दुख
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उसमें हुई जनहानि पर राम कथा वाचक मोरारी बापू ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए हनुमानजी के चरणों में प्रार्थना की है. मोरारी बापू की ओर से हनुमंत प्रसाद के रूप में 51 लाख की सहायता राशि अर्पित की गई है. इस सहायता राशि में से 11 लाख चित्रकूट धाम, तलगाजरडा के माध्यम से भारतीय प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा किए जाएंगे, जबकि 40 लाख नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा किए जाएंगे. नेपाल प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा होने वाली 40 लाख की राशि की वित्तीय सेवा मुंबई स्थित रामकथा के एक श्रोता द्वारा की जाएगी. मोरारी बापू ने भारत सहित दुनिया के अलग-अलग देशों के उन नागरिकों के लिए भी प्रार्थना की है, जिन्होंने इस हृदयविदारक घटना में अपनी जान गंवाई है.
गुजरात के 23 लोगों से संपर्क टूटा
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा के बीच गुजरात के अलग-अलग जिलों से जुड़े कुल 23 लोगों के मिसिंग या अनकॉन्टैक्टेबल होने की जानकारी सामने आई है. SEOC की रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों का संबंध अहमदाबाद, आनंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली और गांधीनगर से है. इनमें बड़ी संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल गए थे. वडोदरा से जुड़े किन्नरी पटेल और मिहिर पटेल 23 अगस्त को Richa Tours Pvt. Ltd. के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे. दोनों से आखिरी संपर्क सुबह करीब 4:51 बजे हुआ था और इसके बाद उनका पता नहीं चल पाया है. दोनों अहमदाबाद निवासी और न्यूजीलैंड के नागरिक बताए गए हैं.
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों का पता नहीं
आनंद के बिमल कुमार पटेल और जैमिनाबेन पटेल भी 16 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे. दोनों अमेरिका के नागरिक बताए गए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. अहमदाबाद निवासी अशोकभाई धीरजलाल कपाड़ी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. उनका आखिरी संपर्क 25 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे हुआ था. जानकारी के अनुसार वे चीन सीमा के इमिग्रेशन सेंटर के पास पहुंचने वाले थे, जिसके बाद संपर्क टूट गया.
रिपोर्ट में राजकोट मूल के जय दिनेश कोटेचा और वलसाड की रोमा दिलीपभाई इन्तवाला का भी उल्लेख है. वलसाड मामलतदार को मिली जानकारी के अनुसार रोमा फिलहाल नेपाल में सुरक्षित हैं. सूरत से जुड़े परेशभाई नटवरलाल पटेल, ज्योतिबेन परेशभाई पटेल और मिनाक्षीबेन संजयभाई रमानी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. तीनों से 26 अगस्त की सुबह करीब 8:10 बजे के बाद पिछले 24 घंटे में संपर्क स्थापित नहीं हो पाया था. रिपोर्ट के अनुसार परेशभाई और ज्योतिबेन अमेरिका में रहते हैं, जबकि मिनाक्षीबेन मुंबई निवासी हैं.
नेपाल में तबाही का सैलाब, 469 जिंदगियां खत्म, 1500 लोग लापता; झील टूटी तो मचेगी बड़ी तबाही
