MP News : मध्य प्रदेश में बिना फसल बोए फर्जी किसानों द्वारा बाहर से गेहूं लाकर समर्थन मूल्य पर बेचने वाले महा घोटाले में अब ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हो गया है. मुरैना कलेक्टर ने जहां 15 पटवारियों को सस्पेंड करने के बाद अब 10 समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों पर सीधे एफआईआर दर्ज करा दी है. वहीं, भिंड जिले में भी हडक़ंप मचा हुआ है.
फर्जीवाड़ा करने वालों पर चला हंटर
बता दें मध्य प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचारियों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ हंटर चलना शुरू हो गया है. मुरैना में कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 10 समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करा दी गई है. चेना, गलेथा, भेंसरोली, जरेरुआ और सुमावली समेत 10 सोसायटियों के कर्ता धर्ता अब पुलिस के निशाने पर हैं.
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पड़ोसी जिले भिंड में भी मची खलबली
मुरैना की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब पड़ोसी जिले भिंड में भी खलबली मची है. लहार, रौन और मिहोना क्षेत्र के कई पटवारी, तहसीलदार और समिति प्रबंधक जांच के घेरे में हैं. लहार एसडीएम की शुरुआती जांच में आरोपियों को बचाने की कोशिश की बू आ रही थी, जिससे भिंड कलेक्टर केएल मीणा बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में भिंड में भी कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है.
मुरैना कलेक्टर लोकेश जांगिड़ का स्पष्ट कहना है कि गेहूं विक्रय करने वाले गैर भूमिस्वामी किसानों की संख्या भले कम हो, लेकिन मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
बैंक को लिख दिया गया है पत्र
वहीं, भिंड कलेक्टर केएल मीणा ने भी स्पष्ट कर दिया है कि गलत पंजीयन से गेहूं बेचने वालों के बैंक खाते होल्ड करने के लिए बैंकों को पत्र लिख दिया गया है. सहकारी बैंक को भी प्रबंधकों पर एक्शन के लिए कहा है. जल्द ही और बड़ी कार्रवाई होगी.
साफ है कि इस पूरे सिंडिकेट ने असली जमीन मालिकों के हक पर डाका डाला है, लेकिन अब जब मामले की परतें खुल रही हैं तो बड़े-बड़े रसूखदारों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं. देखना होगा कि इस घोटाले के पीछे बैठे असली मास्टरमाइंड कब तक सलाखों के पीछे पहुंचते हैं.
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