Home Latest News & Updates मुंबई में सफर हुआ महंगा: 1 सितंबर से ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी, इतना होगा न्यूनतम किराया

मुंबई में सफर हुआ महंगा: 1 सितंबर से ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी, इतना होगा न्यूनतम किराया

by Sanjay Kumar Srivastava 28 August 2026, 8:18 PM IST
28 August 2026, 8:18 PM IST
मुंबई में सफर हुआ महंगा: 1 सितंबर से ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी, इतना होगा न्यूनतम किराया

Taxi Fare Hike: मुंबई में 1 सितंबर से ऑटो और टैक्सी का सफर महंगा होने जा रहा है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के तहत ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो जाएगा. इस बढ़ोतरी से आम यात्रियों में भारी चिंता है, क्योंकि इससे उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. दूसरी ओर, यूनियन नेताओं ने भी सरकार से इस 1 रुपये की मामूली बढ़ोतरी पर फिर से विचार करने की मांग की है.

लोगों ने कहा- कीमतों पर कोई कंट्रोल नहीं

कोलाबा में काम करने वाले एक यात्री ने PTI वीडियो को बताया कि बस का किराया बढ़ गया है, टैक्सी का किराया बढ़ रहा है और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जबकि सैलरी उतनी ही है. यह गलत है. अगर आप बढ़ाते हैं, तो सब कुछ बढ़ाइए. सबके लिए बढ़ाइए, गरीबों के लिए भी. अगर आप पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ा रहे हैं, तो गरीबों की सैलरी भी बढ़ाइए. ठाणे ज़िले के कल्याण में रहने वाले एक और यात्री सरफ़राज़ अहमद ने कहा कि बढ़ती कीमतों का असर पहले से ही रोज़मर्रा के खर्चों पर पड़ रहा है. अहमद ने कहा कि महंगाई का असर हम पर हर दिन पड़ता है. हम ऑटो से यात्रा करते थे जिसका किराया 20 रुपये था, लेकिन अब यह 25 या 30 रुपये हो गया है. कीमतों पर कोई कंट्रोल नहीं है.

महंगाई आसमान पर, जिंदगी हुई मुश्किल

मुंबई के वडाला में रहने वाले स्वप्न ने कहा कि किराया बढ़ने से हर कोई प्रभावित होगा क्योंकि ज़रूरी चीज़ों की कीमतें पहले ही तेज़ी से बढ़ चुकी हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई आसमान छू रही है और ज़िंदगी बहुत मुश्किल हो गई है. अब टैक्सी का किराया भी बढ़ रहा है, जिससे हालात और भी मुश्किल हो जाएंगे. एक और यात्री बालासाहेब म्हास्के ने भी इस बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कहा कि 2 रुपये की बढ़ोतरी से भी गरीब लोगों को परेशानी हो सकती है. उन्होंने सवाल किया कि गरीब लोग इस बढ़ोतरी का सामना कैसे करेंगे? हर चीज़ महंगी होती जा रही है. चीनी की कीमत लगभग 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. लोग क्या खाएंगे?

यूनियन की नाराजगी, सरकार फिर से करे विचार

वहीं, शहर की एक ऑटो-रिक्शा यूनियन ने महाराष्ट्र सरकार से 1 रुपये की बढ़ोतरी पर फिर से विचार करने की अपील की है. उनका कहना है कि ईंधन, रखरखाव, बीमा और अन्य परिचालन लागतों में हुई बढ़ोतरी की भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी नाकाफी है. सेवा सारथी ऑटो-रिक्शा टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियन के महासचिव डीएम गोसावी ने कहा कि लगभग दो साल के अंतराल के बाद किराए में केवल 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. उन्होंने किराया तय करने से पहले परिचालन लागतों का वैज्ञानिक आकलन करने की मांग की. यूनियन ने ड्राइवरों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने और समय-समय पर किराया संशोधन के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाने की भी मांग की.

नहीं ली गई थी यूनियनों से सलाहः शशांक

टैक्सी और ऑटो-रिक्शा यूनियन के नेता शशांक राव ने पीटीआई को बताया कि किराए में मंजूर की गई बढ़ोतरी नाकाफी है और उन्हें 1 से 2 रुपये की और बढ़ोतरी मिलनी चाहिए थी. राव का दावा है कि किराया बदलने का फ़ैसला लेने से पहले ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सभी यूनियनों से सलाह-मशविरा नहीं किया था. ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ऑपरेटरों को नवंबर के आखिर तक अपने मीटर री कैलिब्रेट करवाने का निर्देश दिया है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 4.5 लाख से ज़्यादा ऑटो-रिक्शा और 50,000 से ज़्यादा काली-पीली टैक्सियां हैं, जिनमें से ज़्यादातर CNG से चलती हैं.

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News Source: PTI

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