Borewell Accident: उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं. भाई को राखी बांधते समय ही बहन की मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया. दुखद घटना की सूचना मिलते ही आसपास के काफी लोग मृतका के घर जुट गए. शुक्रवार सुबह एक 16 वर्षीय किशोरी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने ही वाली थी कि इसी दौरान घर में बने एक बेकार पड़े बोरवेल को ढंकने वाली ज़मीन धंस गई और वह उसमें गिरकर मर गई.
NDRF, SDRF ने चलाया बचाव अभियान
रक्षाबंधन की सुबह चुटकी शर्मा आंगन में उस बोरवेल के ऊपर बनी मिट्टी पर खड़ी होकर अपने भाई को बधाई दे रही थी, जो अब इस्तेमाल में नहीं था. जैसे ही बहन चुटकी ने राखी बांधने के लिए हाथ बढ़ाया, उसके नीचे की ज़मीन अचानक धंस गई और वह गड्ढे में गिर गई. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने PTI को बताया कि लड़की बोरवेल में लगभग 20 फीट नीचे गिर गई थी, जिसके बाद NDRF, SDRF और फायर डिपार्टमेंट की टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया. अधिकारियों ने बताया कि आखिरकार लड़की को बोरवेल से बाहर निकाला गया और सरसौल प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुरवामीर गांव में हुई घटना
यह घटना कानपुर ज़िला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर महाराजपुर पुलिस स्टेशन इलाके के पुरवामीर गांव में सुबह करीब 6.40 बजे हुई. पुलिस के मुताबिक, बचाव अभियान में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और फायर डिपार्टमेंट के लगभग 60 कर्मचारी शामिल थे. बचाव कर्मियों ने लड़की तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों (एक्सकेवेटर) की मदद से एक समानांतर गड्ढा खोदा. यह ऑपरेशन सावधानी से किया गया क्योंकि आसपास की ज़मीन और घर की बनावट मज़बूत नहीं थी.
घर के आंगन में खोदा गया था बोरवेल
अधिकारियों ने बताया कि और ज़्यादा ढहने से बचाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों का इस्तेमाल सावधानी से किया गया. चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर दीपक शर्मा ने कहा कि बचाव अभियान के दौरान इमारत की हालत पर नज़र रखी जा रही थी. परिवार के अनुसार, लगभग तीन साल पहले घर के आंगन में एक बोरवेल खोदा गया था, लेकिन काम पूरा न हो पाने के कारण उसे छोड़ दिया गया था. बाद में दूसरी जगह पर एक और बोरवेल खोदा गया. परिवार को शक है कि छोड़े गए बोरवेल ने ज़मीन को कमज़ोर कर दिया होगा, जो हाल ही में हुई बारिश के बाद धंस गई. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और स्थानीय बचाव टीमों के साथ-साथ NDRF के जवानों ने बचाव अभियान का नेतृत्व किया.
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News Source: PTI
