Home Latest News & Updates AKTU के छात्रों को मिलेगा साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक अनुभव, UP पुलिस संग मिलकर सुलझाएंगे चुनौतियां

AKTU के छात्रों को मिलेगा साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक अनुभव, UP पुलिस संग मिलकर सुलझाएंगे चुनौतियां

by Rajeev Ojha 28 August 2026, 6:00 PM IST (Updated 28 August 2026, 6:03 PM IST)
28 August 2026, 6:00 PM IST (Updated 28 August 2026, 6:03 PM IST)
AKTU के छात्रों को मिलेगा साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक अनुभव, यूपी पुलिस के साथ मिलकर सुलझाएंगे चुनौतियां, डिजिटल फॉरेंसिक और सुरक्षा पर रहेगा जोर

Cyber Security: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) और यूपी के साइबर क्राइम मुख्यालय के बीच गुरुवार को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ. कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के मार्गदर्शन में हुई इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है. साथ ही इनोवेशन हब के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम शाखा के लिए नवाचार आधारित तकनीकी समाधान विकसित करने में सहयोग करना है.

एकेटीयू और यूपी साइबर क्राइम मुख्यालय में समझौता

एमओयू का आदान-प्रदान एकेटीयू की ओर से वित्त अधिकारी केशव सिंह एवं निदेशक इनोवेशन हब यूपी तथा साइबर क्राइम मुख्यालय की ओर से एसपी राजेश कुमार ने किया. इस दौरान सीईओ इनोवेशन हब डॉ. महीप सिंह भी उपस्थित रहे. सहयोग का प्रमुख फोकस साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करना होगा. प्रस्तावित सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल फॉरेंसिक और संबंधित उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में कार्य किया जाएगा. इसके साथ ही वास्तविक साइबर अपराध चुनौतियों को समझकर उन पर प्रोजेक्ट और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के अवसर भी विद्यार्थियों को मिल सकेंगे.

तकनीकी विशेषज्ञता से मिलेगी साइबर क्राइम को चुनौती

केशव सिंह के संस्थागत सहयोग से इनोवेशन हब यूपी इस साझेदारी में विश्वविद्यालय की शोध, नवाचार और स्टार्टअप क्षमताओं को साइबर क्राइम शाखा की आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. विश्वविद्यालय अपने शोध निष्कर्ष, तकनीकी संसाधन और अकादमिक विशेषज्ञता साझा करेगा, जबकि साइबर क्राइम मुख्यालय की ओर से विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को फील्ड स्तर की चुनौतियों, साइबर अपराध जांच और डिजिटल फॉरेंसिक से जुड़ी व्यावहारिक समझ उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा.

विद्यार्थियों को मिलेंगे इंटर्नशिप के अवसर

एमओयू के तहत एकेटीयू के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है. इससे विद्यार्थी साइबर अपराध की रोकथाम एवं जांच से संबंधित वास्तविक समस्याओं पर काम कर सकेंगे. साइबर क्राइम शाखा को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों द्वारा विकसित नई तकनीकों, प्रोटोटाइप और समाधान का लाभ मिल सकेगा. साझेदारी के तहत साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सेफ्टी प्लेटफॉर्म और संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को मेंटरशिप एवं सहयोग देने की भी योजना है.

पांच वर्ष के लिए समझौता

इनोवेशन हब के माध्यम से ऐसे स्टार्टअप्स और छात्र नवप्रवर्तकों को पुलिस विभाग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़कर उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके अलावा संयुक्त हैकाथॉन, स्टार्टअप कार्यक्रम एवं नवाचार गतिविधियों के माध्यम से कानून प्रवर्तन और साइबर अपराध की रोकथाम से जुड़ी समस्याओं के समाधान तलाशे जाएंगे. दोनों संस्थाएं प्रदेश में साइबर एवं डिजिटल जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और संयुक्त शोध एवं नवाचार परियोजनाओं पर कार्य करने में भी सहयोग करेंगी. एमओयू की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है. इस सहभागिता से विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी अनुभव को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने के लिए अकादमिक ज्ञान, तकनीकी नवाचार और पुलिस विभाग के व्यावहारिक अनुभव के बीच मजबूत समन्वय विकसित होने की उम्मीद है.

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