Home Latest News & Updates योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई

योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई

by Dheeraj Tripathi 14 August 2026, 6:55 PM IST (Updated 14 August 2026, 6:56 PM IST)
14 August 2026, 6:55 PM IST (Updated 14 August 2026, 6:56 PM IST)
योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई

Major Action: यूपी में योगी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है. इसी क्रम में दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया. 24 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया. विशेष टीमों ने संबंधित जिलों की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया. अभियान के दौरान 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई.

पनीर में रसायन का हो रहा था इस्तेमाल

निरीक्षण के दौरान पनीर के निर्माण में रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के मामले सामने आए. विभागीय टीमों ने निर्माण इकाइयों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, तैयार उत्पाद और निर्माण प्रक्रिया की जांच की. अनियमितता पाए जाने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराने के साथ ही अपमिश्रकों को जब्त किया गया.

जांच के लिए भेजे गए 72 नमूने

अभियान के दौरान कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए गए. इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित पाई गई 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया. नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 10 लाख रुपये है. इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य करीब 4.75 लाख रुपये है. इस तरह अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

छह एफआईआर दर्ज

अभियान के दौरान पनीर निर्माण में पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के प्रयोग और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित पांच प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई. वहीं, विभागीय अधिकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कराई. गाजियाबाद में तीन तथा मथुरा में दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है. सहारनपुर में भी संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई.

खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है. विशेष रूप से पनीर जैसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, मिलावट पर प्रभावी अंकुश और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे. प्रयोगशाला जांच में नमूने मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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