UP Crime: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक व्यापारी के घर व दुकान से करीब छह टन सिक्के मिलने से अधिकारी हैरान हो गए. घर पर छापा पड़ते ही व्यापारी फरार हो गया. इतने सिक्के क्यों इकट्ठे किए गए थे और इसका मकसद क्या था, इसकी जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई है. एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में एक स्टेशनरी व्यापारी की दुकान और घर से ज़ब्त किए गए 5.6 टन से ज़्यादा सिक्कों के स्रोत और उन्हें कहां भेजा जाना था, इसकी जांच के लिए पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई है.
सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि व्यापारी के ख़िलाफ़ ‘कॉइनज एक्ट, 2011’ (सिक्का अधिनियम) के तहत FIR दर्ज की गई है. वह फरार है. पुलिस की यह कार्रवाई ज़िला प्रशासन द्वारा 1 अगस्त को नयागंज में नवीन कुमार की दुकान और हनुमान गली में स्थित घर पर की गई छापेमारी के बाद हुई है. प्रशासन को सूचना मिली थी कि वहां बड़ी मात्रा में सिक्के जमा करके रखे गए हैं. शुरुआत में अधिकारियों का अनुमान था कि 1 रुपये से 10 रुपये के मूल्यवर्ग वाले सिक्कों से भरे 70-80 बोरे ही हैं. लेकिन SP ने बताया कि सिक्कों से भरे कुल 106 प्लास्टिक के बोरे ज़ब्त किए गए. सिन्हा ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों की गिनती करना संभव नहीं था, इसलिए उनका वज़न किया गया. कुल वज़न 5,666 किलोग्राम निकला.
जांच के लिए बनी स्पेशल टीम
इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के क्यों जमा किए गए थे, यह जांच का विषय है. उन्होंने कहा कि सिक्का अधिनियम (Coinage Act) के तहत सिक्कों को नष्ट करना, उन्हें कानूनी मुद्रा (legal tender) के अलावा किसी अन्य काम में इस्तेमाल करना या प्रतिबंधित परिस्थितियों में अपने पास रखना मना है. उन्होंने यह भी बताया कि इन अपराधों के लिए अधिकतम सात साल की जेल की सज़ा हो सकती है. एसपी ने बताया कि यह पता लगाने के लिए एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई है कि ये सिक्के कहां से आए थे और कहां सप्लाई किए जा रहे थे.
सिक्कों का कारोबार गैरकानूनी
छापेमारी के दौरान व्यापारी के एक रिश्तेदार ने अधिकारियों को बताया कि इस कारोबार में तीन से चार प्रतिशत कमीशन पर सिक्कों का आदान-प्रदान किया जाता था. उसने दावा किया कि 500 और 1,000 रुपये मूल्य के सिक्कों वाले पैकेट दिल्ली में मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर भेजे जाते थे. ये सिक्के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लाए जाते थे. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट राज बहादुर सिंह ने कहा कि सिक्कों का बड़े पैमाने पर कारोबार गैरकानूनी है. ज़ब्त किए गए सिक्कों की सही कीमत और इस कारोबार के मकसद का पता जांच के दौरान चलेगा. पुलिस ने कहा कि मामले के कई पहलू अभी स्पष्ट नहीं हैं. आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
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News Source: PTI
