Home Latest News & Updates UP पुलिस में नौकरी देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ः जौनपुर से STF ने दो को दबोचा, वसूल रहे थे मोटी रकम

UP पुलिस में नौकरी देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ः जौनपुर से STF ने दो को दबोचा, वसूल रहे थे मोटी रकम

by Sanjay Kumar Srivastava 12 June 2026, 1:53 PM IST (Updated 12 June 2026, 2:56 PM IST)
12 June 2026, 1:53 PM IST (Updated 12 June 2026, 2:56 PM IST)
UP पुलिस में पक्की नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने जौनपुर से दो को दबोचा

UP STF: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 में चयन का झांसा देकर उम्मीदवारों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. शुक्रवार को एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने कार्रवाई करते हुए जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर इलाके से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस उपाधीक्षक (STF प्रयागराज यूनिट) शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए गठित विशेष टीम को इस धोखाधड़ी की खुफिया जानकारी मिली थी.

बिहार के हैं दोनों आरोपी

जांच में सामने आया कि यह गिरोह सीधे भोले-भले उम्मीदवारों से संपर्क साध रहा था. आरोपी परीक्षा पास कराने और पक्की नौकरी दिलाने का शत-प्रतिशत भरोसा देकर युवाओं से मोटी रकम की मांग कर रहे थे. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सहयोगियों का पता लगा रही है. उन्होंने बताया कि इस जानकारी के आधार पर STF कर्मियों ने बिहार के सिवान जिले के रहने वाले राज कुमार मांझी और उसके साथी छोटे लाल यादव को मुंगरा बादशाहपुर के बड़गांव इलाके से गिरफ्तार किया.

एडमिट कार्ड, फोन, चेक, आधार कार्ड बरामद

अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने 21 उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी, दो मोबाइल फोन, तीन चेक, तीन आधार कार्ड, चार मार्कशीट की कॉपी और व्हाट्सएप चैट के 13 प्रिंटआउट बरामद किए. पूछताछ के दौरान, मांझी ने कथित तौर पर माना कि वह पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निशाना बनाता था और उनके चयन का झूठा वादा करके पैसे वसूलता था. पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्य उम्मीदवारों से संपर्क करते थे और उनके एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज़ इकट्ठा करते थे और डील को अंजाम देते थे.

अन्य सदस्यों के लिए जगह-जगह दबिश

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी पता चला कि मांझी को पहले 2022 में नौकरी दिलाने के वादे से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा गया था. गिरोह के नेटवर्क की आगे की जांच चल रही है. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा राज्य के सभी 75 जिलों में 1,183 केंद्रों पर 8, 9 और 10 जून को दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल उपस्थिति 75.94 प्रतिशत रही.बोर्ड के अनुसार, परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले 28,86,798 उम्मीदवारों में से 21,92,236 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए.पुलिस उपाधीक्षक (STF प्रयागराज यूनिट) शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है.

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News Source: PTI

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