Census: कांग्रेस ने जाति जनगणना के मुद्दे पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. पार्टी ने कहा कि जवाब देने वालों से मिली जानकारी के आधार पर जातियों की लिस्ट न बनाना सरकार की नीयत पर गंभीर शक पैदा करता है. इस बारे में राजनीतिक दलों के साथ कोई चर्चा भी नहीं की गई. कांग्रेस के महासचिव (कम्युनिकेशन) जयराम रमेश ने कहा कि उम्मीद थी कि जाति से जुड़ा सवाल पहले से तैयार राज्यवार लिस्ट के आधार पर पूछा जाएगा, जैसा बिहार और तेलंगाना में जाति सर्वे के दौरान हुआ था और जवाब को बस सही जगह पर टिक करना होगा. रमेश ने कहा कि दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ, जिससे सरकार की नीयत पर गंभीर शक पैदा होता है.
खड़गे ने PM को लिखा पत्र
रमेश ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का वह पत्र भी शेयर किया जो उन्होंने 5 मई, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाति जनगणना के बारे में लिखा था. रमेश ने कहा कि उनके सबसे पहले और बुनियादी सुझाव को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया. खड़गे की मांग के बावजूद राजनीतिक दलों के साथ कोई चर्चा भी नहीं हुई. खड़गे ने पिछले साल मई में सरकार के जाति जनगणना के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था. उन्होंने आग्रह किया था कि सरकार तेलंगाना मॉडल अपनाए और इस मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करे. खरगे ने तीन सुझाव दिए थे, जिनमें से पहला सुझाव जनगणना प्रश्नावली के डिज़ाइन के बारे में था.
सिर्फ गिनती के लिए न हो जाति की गणना
खरगे ने कहा था कि जाति की जानकारी सिर्फ़ गिनती के लिए नहीं, बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इकट्ठा की जानी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि हाल ही में हुए तेलंगाना जाति सर्वेक्षण को इन्हीं लक्ष्यों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन और लागू किया गया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय को तेलंगाना मॉडल अपनाना चाहिए, जिसमें प्रश्नावली को अंतिम रूप देने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली और पूछे गए अंतिम सवाल, दोनों शामिल हैं. एक सरकारी आदेश के अनुसार, केंद्र ने शुक्रवार को उन 40 सवालों की जानकारी दी जो जनगणना के जनसंख्या गणना चरण के दौरान लोगों से पूछे जाएंगे. इनमें जाति और कोविड टीकाकरण की जगह जैसे सवाल शामिल हैं.
खुद से जानकारी भरने का भी विकल्प
यह चरण बर्फ़बारी वाले इलाकों में 1 सितंबर से शुरू होगा. भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण के आदेश में उन सवालों की जानकारी दी गई है जैसे कि क्या व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित है और उसकी जाति क्या है. लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले गैर-सिंक्रोनस इलाकों में जनसंख्या गणना 1 से 30 सितंबर के बीच होगी. घर-घर जाकर जनसंख्या गणना शुरू होने से ठीक पहले 17 से 31 अगस्त तक खुद से जानकारी भरने का विकल्प होगा. देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना (PE) अगले साल शुरू होगी. पहला चरण घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना (HLO)30 सितंबर तक चलेगा.
News Source: PTI
