Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, इसके लिए सरकार काफी गंभीर है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की. यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है.
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जीपी सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए. हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर की 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए भारी सुरक्षा तैनाती की ज़रूरत होती है, जिसमें केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं.
पुलिस ने तैनात किए अत्याधुनिक उपकरण
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियां श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड सर्विलांस टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंस बेस्ड मॉनिटरिंग और कई एजेंसियों के बीच तालमेल का इस्तेमाल कर रही हैं. श्रद्धालु अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन ज़्यादा चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रूट से यात्रा करेंगे.
इस हफ़्ते की शुरुआत में लेफ्टिनेंट गवर्नर सिन्हा ने तैयारियों का जायज़ा लिया और विभागों व सुरक्षा एजेंसियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, हेल्थकेयर, साफ-सफाई, कनेक्टिविटी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अत्याधुनिक स्क्रीनिंग और एंटी सबोटेज उपकरण भी तैनात किए हैं.
उन्होंने बताया कि इनमें पोर्टेबल RCIED जैमर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक और लिक्विड विस्फोटक डिटेक्टर, नॉन लीनियर जंक्शन डिटेक्टर (NLJD), कॉन्ट्राबैंड बस्टर, प्रोडर व्हीकल सर्च मिरर, ऑप्टिकल फ़ाइबरस्कोप, कई तरह के CCTV सिस्टम, XBIS, व्हीकल-माउंटेड XBIS, मल्टी-जोन DFMD (फिक्स्ड/मल्टी-जोन), HHMD, सर्च मेटल डिटेक्टर और अन्य विशेष उपकरण शामिल हैं.
वर्करों और वेंडरों की जानकारी देगा ‘पहचान ऐप’
पुलिस ने QR बेस्ड ‘पहचान ऐप’ भी लॉन्च किया है, जिसे यात्रा रूट पर काम करने वाले वर्करों और वेंडरों की डिजिटल रूप से पहचान करने के लिए बनाया गया है.अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम बिना पहचान वाले लोगों को यात्रा के सिस्टम में घुसने से रोकने में मदद करेगा और साथ ही जवाबदेही और भीड़ को संभालने के तरीके को भी बेहतर बनाएगा. किरायेदारों की पहचान की जांच, ठहरने की जगहों का निरीक्षण और खुफिया जानकारी जुटाने के ऑपरेशन भी तेज कर दिए गए हैं.
CRPF के DG ने जाना सुरक्षा का हाल
CRPF, जो यात्रा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है, ने ऑपरेशनल तैयारी की बड़े पैमाने पर समीक्षा की है. CRPF के DG सिंह ने भी घाटी का दौरा किया और बालटाल जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और कमांडरों को पहले से ही ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. उन्होंने बालटाल बेस कैंप तक यात्रा के रास्ते पर सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल के ज़रिए एक मज़बूत सुरक्षा घेरा बनाए रखने पर ज़ोर दिया. सिंह ने कहा कि सुरक्षित और बिना किसी घटना के यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल को और मज़बूत किया जाना चाहिए.
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News Source: PTI
