Home धर्म साहिबजादों के बलिदान की गाथा का दिन, मातृभूमि और स्वधर्म की रक्षा की प्रेरणा

साहिबजादों के बलिदान की गाथा का दिन, मातृभूमि और स्वधर्म की रक्षा की प्रेरणा

by Live Times 26 December 2023, 2:58 PM IST (Updated 26 July 2025, 4:29 PM IST)
26 December 2023, 2:58 PM IST (Updated 26 July 2025, 4:29 PM IST)
मातृभूमि और स्वधर्म की रक्षा की प्रेरणा-सीएम योगी

26 दिसंबर 2023

मातृभूमि और स्वधर्म की रक्षा की प्रेरणा-सीएम योगी

वीर बाल दिवस पर देश आज गुरू गोविंद सिंह के बेटों को श्रद्धांजलि दे रहा है। इस मौके पर दिल्ली से लेकर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास में विशेष संकीर्तन कार्यक्रम आयोजित कराया। मुख्यमंत्री ने अपने आवास में गुरुग्रंथ साहिब का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने गुरुग्रंथ साहिब को सिर-माथे पर धारण कर उन्हें मुख्यमंत्री आवास में आसीन कराया।

सीएम योगी ने क्या कहा ?

  • साहिबजादों के बलिदान की गाथा हर बच्चे और युवा को सुनाई जानी चाहिए।
  • हमें सिख गुरुओं के बलिदान को याद दिलाता है और साहिबजादों के बलिदान की गाथा हर बच्चे और युवा को सुनाई जानी चाहिए।
  • यह इतिहास युवा पीढ़ी तक पहुंचानी होगी, जिससे वह अपने बलिदानियों की गौरवगाथा के बारे में जानें।
  • प्रदेश के प्रत्येक मंडल और जनपद स्तर पर वीर बालकों का सम्मान किया जाना चाहिए।
  • प्रदेश में सिख गुरुओं से संबंधित सभी स्थलों को चिह्नित करते हुए उनके विकास के लिए कार्य किये जाएंगे।
  • सिख गुरुओं का बलिदान व्यक्तिगत या परिवार के लिए नहीं था, बल्कि उनका बलिदान देश और धर्म के लिए था।
  • हमारे स्कूली बच्चों के सामने साहिबजादों का इतिहास आना ही चाहिए।
  • ये सौभाग्य की बात है कि इस अवसर पर हर साल मुख्यमंत्री आवास में गुरुवाणी पाठ का आयोजन हो जाता है
  • प्रदेशभर से आए सिख बंधुओं के साथ संवाद हो जाता है।
  • हर एक शिष्य सिख है, जो भी गुरु परंपरा से जुड़ा है वो एक सिख है।
  • गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने चार-चार पुत्र देश और धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान कर दिए।
  • जब गुरु गोविंद सिंह जी से पूछा गया कि आपके चार पुत्र शहीद हुए
  • उस समय गरू गोविंद सिंह के मुख से यही निकला था कि चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार।
  • पीएम मोदी के नेतृत्व और प्रेरणा से दोनों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान दिवस को आज पूरा देश वीर बाल दिवस के रूप में मना रहा है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ के सिखों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने 2020 से लगातार इस बात को उठाया कि भारत के इतिहास में सर्वोच्च बलिदान देने वाले साहिबजादों को आखिर क्यों विस्मृत कर दिया गया। जिन साहिबजादों के बलिदान दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाना चाहिए, उसकी जगह किसी और घटना को बाल दिवस से जोड़ दिया गया।

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