Ganga Dussehra: गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से कई तरह के पापों का नाश होता है. अगर आप गंगा नदी तक नहीं जा सकते, तो घर बैठे भी गंगा स्नान करने का उपाय है. यहां जानें गंगा दशहरा कब है, इसका महत्व क्या है और आप घर बैठे कैसे गंगा स्नान कर सकते हैं.
18 May, 2026
हिंदू धर्म में नदियों का भी धार्मिक महत्व है. गंगा और यमुना समेत सभी नदियों को मां माना जाता है. हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन धरती पर गंगा का अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में किए गए पाप धुल जाते हैं और मन को शांति मिलती है. लेकिन शहरों में गंगा स्नान करना मुश्किल होता है. ऐसे में आप घर बैठे कुछ उपाय करने से गंगा स्नान करने जितना ही पुण्य हासिल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं गंगा दशहरा कब है, इसका महत्व क्या है और आप घर बैठे कैसे गंगा स्नान कर सकते हैं.
कब है गंगा दहशरा
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 25 मई 2026 को सुबह 4:28 बजे शुरू होगी और 26 मई 2026 को सुबह 5:11 बजे खत्म होगी. उदयातिथि के अनुसार, इस साल गंगा दशहरा 25 मई 2026, सोमवार को मनाया जाएगा.इस दिन ब्रह्म मुहूर्त, यानी सूर्योदय के बाद का समय, स्नान, पूजा और दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त का समय 25 मई को सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक है.

घर पर कैसे करें गंगा स्नान
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें, साफ कपड़े पहनें और नहाने से पहले श्रद्धा से गंगा में स्नान का लाभ पाने का संकल्प लें. इसके बाद, नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाएं. अगर गंगा जल उपलब्ध न हो, तो साफ पानी में मां गंगा का ध्यान करते हुए ॐ गंगे नमः मंत्र का जाप करें. नहाते समय गंगा मंत्र या हर हर गंगे का जाप करें. नहाते समय साबुन या शैंपु का इस्तेमाल न करें. इससे नहाने का आध्यात्मिक असर कई गुना बढ़ जाता है. नहाने के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं और अपने जीवन में सुख और शांति की प्रार्थना करें.

गंगा स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान करने से शरीर से किए गए तीन प्रकार के पाप, वाणी से किए गए चार प्रकार के पाप और मन से किए गए तीन प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसलिए इसे गंगा दशहरा कहा जाता है. माना जाता है कि इस दिन मां गंगा की पूजा करने से न सिर्फ इंसान के पाप धुलते हैं बल्कि मोक्ष का रास्ता भी मिलता है. इसके अलावा, इस दिन पानी से जुड़ी चीजें, जैसे घड़ा, पंखा, शरबत या पीने का पानी दान करना बहुत शुभ माना जाता है.
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