Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में आखिरकार कांग्रेस का खाता खुल गया है. पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों के अंतर से हराया. इस जीत को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि बीजेपी के लिए यह सीट चुनावी रणनीति की समीक्षा करने का संकेत हो सकती है. बता दें कि अभिजीत वंजारी की नागपुर स्नातक सीट पर यह लगातार दूसरी जीत है. उन्होंने साल 2020 में भी इस सीट से चुनाव जीता था. पेशे से वकील अभिजीत वंजारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी.
जानें क्या बोले कांग्रेस उम्मीदवार?
चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी. इस दौरान बीजेपी के सभी नेता नागपुर में मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद मतदाता कांग्रेस के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एकजुट रही और महा विकास आघाड़ी (MVA) के नेता और कार्यकर्ता मजबूती के साथ खड़े रहे. वंजारी ने आगे कहा कि कई संगठनों ने उन्हें समर्थन दिया था. उन्होंने अपने चुनाव प्रचार सामग्री में भी जिक्र किया था कि 48 संगठन उनका समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने इस जीत का पूरा श्रेय पार्टी के कार्यकर्ता और संगठन को दिया.
बीजेपी ने अपने पूरी ताकत लगा दी
वहीं, पत्रकारों से बातचीत के दौरान वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी. उनके नेता नागपुर में मौजूद थे और फिर भी मतदाता हमारे साथ खड़े रहे. हमारी पार्टी एकजुट रही और महा विकास के नेता और कार्यकर्ता एक साथ मिलकर काम करते रहे. कई संगठनों ने मुझे समर्थन दिया. असल में मैंने अपने प्रचार सामग्री में भी बताया था कि 48 संगठनों के लोग मेरा समर्थन कर रहे हैं. यह जीत उन्हीं संगठन के कार्यकर्ताओं को समर्पित है.
SIR और फॉर्म 6 पर ECI की सुप्रीम कोर्ट में सफाई, कहा- तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए
84 काउंटिंग टेबलों पर शुरू हुई वोटिंग
मालूम हो कि वोटों की गिनती 27 अक्तूबर की सुबह 8 बजे नागपुर के मानकापुर स्थित डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 84 काउंटिंग टेबलों पर शुरू हुई. अंतिम परिणाम घोषित होने तक यह गिनती प्रक्रिया 41 घंटे से अधिक समय तक चली. मतगणना प्रक्रिया के दौरान चुनाव पर्यवेक्षक हर्षदीप कांबले, रिटर्निंग ऑफिसर विजयलक्ष्मी बिदारी, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, नागरपुर डिवीजन के सभी छह जिलों के जिला कलेक्टर और अन्य चुनाव अधिकारी तथा मतगणना कर्मचारी मौजूद थे. पहली पसंद के वोटों की गिनती के पहले दो राउंड के दौरान कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए 75,438 वोटों का कोट हासिल नहीं कर सका. कुल 1,65,906 वोटों की गिनती में से 15,032 वोट अमान्य घोषित किए गए, जबकि 1,50,874 वोट मान्य पाए गए.
पहले राउंड में कोई भी हासिल नहीं कर सका कोटा
बता दें कि कोई भी उम्मीदवार जरूरी कोटे तक नहीं पहुंच सका. यही वजह रही कि ‘प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम’ के तहत दूसरी पसंद के वोटों को शामिल करते हुए ‘एलिमिनेशन राउंड’ शुरू किए गए. इन एलिमिनेशन राउंड के बाद भी कोई उम्मीदवार तय कोटा हासिल नहीं कर पाया. नतीजे सामने आने के बाद वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले और उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को हराया.
क्यों ही यह जीत महत्वपूर्ण?
नागपुर स्नातक सीट राजनीति में खास महत्व रखती है. मामला यह है कि ये सीट आरएसएस के गढ़ में है. ऐसे में यहां से किसी अन्य पार्टी का जीतना आरएसएस और बीजेपी के लिए सीधी चुनौती है. इस निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं. साथ ही चुनाव केवल राजनीतिक दलों की लोकप्रियता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षित वर्ग के बीच उनकी स्वीकार्यता, स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि के लिए भी महत्वपूर्ण है. यहां से अभिजीत वंजारी की जीत कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और बीजेपी के लिए भारी धक्का है.
SC में SIR पर सुनवाई टली, दिवाली के बाद फिर खुलेगा मामला; राहुल गांधी समेत 13 नेताओं को निर्देश
News Source: ANI
