Kulgam News : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में दो मजदूर शुक्रवार को घायल हुए थे. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया और शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया. दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम इलाके में एक ईंट के भट्ठे पर काम करते थे. इसी बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मजदूरों की हत्या की जांच की मांग की है. उन्होंने यह भी पूछा कि जब भी उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करती है, तो ऐसी घटनाएं क्यों होती है?
अब्दुल्ला ने की जांच की मांग
पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे इस घटना का गहरा दुख है कि हमारे राज्य में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई. हमें यह भी नहीं पता कि उन्हें किसने और कैसे मारा. इसकी जांच होनी चाहिए और यह पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि हत्यारे कौन हैं. इसके अलावा अब्दुल्ला ने घाटी में इस तरह की घटनाओं को लेकर सवाल उठाएं. उन्होंने कहा कि मुझे यह बात समझ नहीं आता है कि जब हम राज्य का दर्जा मांगते हैं, तो ऐसी घटनाएं क्यों हो जाती हैं.
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इलाज के दौरान हुई मौत
शुक्रवार की देर शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर हुए आतंकी हमले में घायल दीपक रात्रे और भूपिंदर की बाद में मौत हो गई. दोनों की उम्र करीब 20 साल थी. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल ले जाए जाने से पहले रात्रे की मौत हो गई, जबकि भूपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया और बाद में सौरा के SKIMS अस्पताल रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
वहीं, घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है. सूत्रों के अनुसार, मजदूरों को गोली मारने से पहले उनसे नाम तक पूछा गया. घाटी में बीते 10 दिनों में टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है. स्थानीय पुलिस के अनुसार, दोनों मृतकों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है और मृतकों के परिजन भी जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं.
खौफ पैदा करने की साजिश
टारगेट किलिंग को जरिया बनाकर आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में फिर से दहशत फैलाने की साजिश रच रहे हैं. इससे पहले भी आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों पर हमला किया है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस तरह के हमलों का उद्देश्य घाटी में काम कर रहे बाहरी मजदूरों के मन में खौफ पैदा करना है. साथ ही क्षेत्र की शांति और विकास को बाधित करना भी है. बता दें कि 22 जुलाई को अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन की अनंतनाग के लाल चौक इलाके में एक आतंकवादी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
छत्तीसगढ़ सरकार ने की मुआवजा देने की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री साय ने इस जघन्य और अमानवीय आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी.
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News Source: PTI
