Kerala Landslide: केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई.शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई. केरल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. भूस्खलन के कारण कट्टाप्पना और वाझावारा के बीच की सड़क बंद हो गई, जबकि वंडीपेरियार में चोट्टुपारा धारा का जलस्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे 183 पर पानी भर गया. जिससे दोनों तरफ हजारों वाहन फंस गए. नेल्लीमाला में भी सड़क बंद हो गई, जिससे गाड़ियों की आवाजाही पर असर पड़ा. मरने वालों में इडुक्की ज़िले के कुदायथूर के पास अडूरमाला इलाके की रहने वाली सुमति (65) थी.
कोट्टायम में दो की मौत
ज़िला प्रशासन ने बताया कि शनिवार तड़के भूस्खलन के कारण सुमति के घर पर मलबा गिर गया. पड़ोसियों ने उसके पति रवि और बेटे रतीश को बचा लिया. दोनों घायल हो गए और उन्हें थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. भूस्खलन में परिवार का घर नष्ट हो गया. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस और राजस्व अधिकारियों के तलाशी अभियान के बाद सुमति का शव बरामद किया गया. कोट्टायम ज़िले के पूंजार में पय्यानीथोट्टम में भूस्खलन के दौरान एक युवक की मौत हो गई और उसकी मां मलबे के नीचे दब गई. अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफिन (24) और उनकी मां रेजिना जॉनी (46) के तौर पर हुई है, जो मलबे के नीचे दब गए थे. जोसेफिन को बचा तो लिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. रेजिना का शव सुबह करीब 10:30 बजे बरामद किया गया.
कोक्कयार इलाका पानी में डूबा
एक और घटना में, इडुक्की ज़िले के वागामोन इलाके में एक घर पर भूस्खलन होने से प्रभाकरन नायर (77) की मौत हो गई. कोट्टायम के वाइकोम के रहने वाले नायर भूस्खलन के समय अपने रिश्तेदार के घर में सो रहे थे. घंटों चली तलाशी के बाद उनका शव बरामद किया जा सका. उप्पुथारा में भूस्खलन की वजह से खड़ी पुलिस जीप को नुकसान पहुंचा. पुल्लाकयार नदी का जलस्तर बढ़ने से कोक्कयार इलाका पानी में डूब गया. अधिकारियों ने बताया कि आस-पास के इलाके में करीब छह घर पानी में डूब गए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक भी बाधित हुआ.
एराट्टुपेट्टा, नाडक्कल और मुरिक्कोली में कई घर डूबे
अधिकारियों ने ज़िले के छोटे बांधों के शटर खोलने की घोषणा की है. कोट्टायम ज़िले में भारी बारिश के कारण एराट्टुपेट्टा, कांजिराप्पल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली में बाढ़ आ गई, जिससे रिहायशी इलाके डूब गए, ट्रैफिक बाधित हुआ. टीकोय गांव में भूस्खलन के बाद चार घर क्षतिग्रस्त हो गए. राट्टुपेट्टा शहर में रात भर में जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे अधिकारियों को वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी. एराट्टुपेट्टा, नाडक्कल और मुरिक्कोली में कई घर पानी में डूब गए. स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कर्मियों ने घरों की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. इलाके में यातायात पूरी तरह से बाधित रहा.
लोगों से सतर्क रहने का आग्रह
कूट्टिकल और मुंडाक्कयम में मणिमाला और पुल्लाकयार नदियों के उफान पर आने के बाद जलस्तर बढ़ता रहा. मुंडाक्कयम कॉज़वे के पानी में डूबने के बाद यातायात भी बंद हो गया. पत्तनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों से और भी भूस्खलन की खबरें मिलीं. रानी के विधायक पझाकुलम मधु ने रानी और आसपास के इलाकों के लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है क्योंकि नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है. बाढ़ का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया है. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कारण रानी और आसपास के कई इलाके कट गए हैं और जिला प्रशासन ने घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नावें तैनात की हैं.
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News Source: PTI
