Home Top News पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण ने महाराष्ट्र UCC पैनल से इस्तीफा दिया, कमेटी पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण ने महाराष्ट्र UCC पैनल से इस्तीफा दिया, कमेटी पर लगाए गंभीर आरोप

by Neha Singh 22 September 2026, 11:39 AM IST (Updated 22 September 2026, 11:42 AM IST)
22 September 2026, 11:39 AM IST (Updated 22 September 2026, 11:42 AM IST)
RC Chavan Resignation

RC Chavan Resignation: पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने वाली महाराष्ट्र सरकार की कमेटी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कमेटी के काम करने के तरीके और राज्य के बाहर के एक अधिकारी के शामिल होने पर असहमति का हवाला दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए एक फ्रेमवर्क का ड्राफ्ट बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यों वाली कमेटी बनाई थी. लेकिन नाराजगी के चलते हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस चव्हाण ने पैनल से इस्तीफा दे दिया.

लापरवाही बरतने का आरोप

चव्हाण ने अपने इस्तीफे में कई चिंताएं जताईं और आरोप लगाया कि मीटिंग बिना किसी खास चर्चा के खत्म हो रही हैं. उन्होंने दावा किया कि एजेंडा आइटम जैसे मिनट्स की पुष्टि, वेबसाइट में बदलाव और क्वेश्चनेयर को फाइनल करना, चेयरपर्सन के निर्देश पर जल्दी से निपटाए गए. उन्होंने आगे दावा किया कि देर से शादी, इनफर्टिलिटी, अस्थिर शादियां और विवाद सुलझाने जैसे मुद्दों पर लोगों की पूरी राय जानने के लिए क्वेश्चनेयर बनाने सहित सदस्यों के सुझावों पर विचार नहीं किया गया, क्योंकि चेयरपर्सन द्वारा फाइनल किया गया क्वेश्चनेयर अपलोड करने के लिए पहले ही भेजा जा चुका था.

दूसरे राज्य के अधिकारी को कमेटी में शामिल किया गया

उन्होंने पैनल में राज्य के बाहर के एक ऑफिसर के शामिल होने की बात भी उठाई. उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के अधिकारियों को लग सकता है कि वे यह काम करने के काबिल नहीं हैं, इसलिए दूसरे राज्य से ऑफिसर को बुलाना पड़ा.” जस्टिस चव्हाण ने कहा, “यह भी हो सकता है कि उन्हें यह नहीं पता था कि (कमेटी के कामकाज में) ऑफिसर को कहां फिट करना है.” पूर्व जज ने कहा, “इस समस्या को हल करने के लिए, मैं अभी इस्तीफा देकर कमेटी में अपनी सीट खाली कर रहा हूं, ताकि सरकार जल्दी से खाली जगह भर सके.” उन्होंने आगे कहा कि कमेटी का काम सीखने का अनुभव रहा और उन्होंने पैनल को शुभकामनाएं दीं.

कमेटी के सदस्य

बता दें, पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण के अलावा इस कमेटी में बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एसजी मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व चीफ सेक्रेटरी डीके जैन, पूर्व एडवोकेट जनरल वीरेंद्र सराफ, संवैधानिक विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षक और सोशल वर्कर सुवर्णा रावल शामिल हैं.

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