Home Top News नाइजर में ‘सत्ता पलट’ नाकाम! युवा सैनिकों ने की बगावत, अफ्रीका कॉर्प्स की मदद से संभाला मोर्चा

नाइजर में ‘सत्ता पलट’ नाकाम! युवा सैनिकों ने की बगावत, अफ्रीका कॉर्प्स की मदद से संभाला मोर्चा

by Sachin Kumar 30 August 2026, 6:55 PM IST (Updated 30 August 2026, 7:00 PM IST)
30 August 2026, 6:55 PM IST (Updated 30 August 2026, 7:00 PM IST)
Niger soldiers killed arrested apparent mutiny

Niger News: पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामे में सैनिकों के एक समूह ने विद्रोह की कोशिश की. इस दौरान राजधानी में गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे सत्तारूढ़ सैन्य शासन के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया. सरकारी टीवी और जानकारों के मुताबिक, युवा सैनिकों के एक समूह ने सैन्य सरकार के खिलाफ बगावत करने की कोशिश की. इस घटना में दर्जनों सैनिकों के मारे जाने और कई के गिरफ्तार किए जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि रूस के ‘अफ्रीका कॉर्प्स’ ने विद्रोह को दबाने के लिए नाइजर की सेना को हवाई और जमीनी सहायता मुहैया कराई। सरकारी ब्रॉडकास्टर RTN ने बाद में दर्जनों सैनिकों को सार्वजनिक रूप से परेड करते हुए दिखाया. इससे पहले शुक्रवार रात से शनिवार तक नियामे के मुख्य एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे के आसपास लगातार गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कई स्थानों पर घंटों तक संघर्ष जारी रहा. इसके बाद सुरक्षा बलों ने धीरे-धीरे ही सही लेकिन हालात पर नियंत्रण कर लिया और बागी सैनिकों को गिरफ्तार कर स्थिति को काबू में कर लिया.

सैनिकों के समूह ने बनाया वर्चस्व

रूसी मीडिया ने नाइजर में रूस के राजदूत विक्टर वोरोपाएव के हवाले से बताया कि नाइजर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर स्थित ‘अफ्रीका कॉर्प्स’ के बेस का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने विद्रोह को दबाने में मदद के लिए रूसी सैनिकों का आभार जताया. राजनयिकों के अनुसार, विद्रोह करने वाले सैनिक शनिवार देर रात तक सैन्य अड्डे पर डटे रहे, जबकि राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा प्रेसिडेंशियल गार्ड ने संभाल ली थी. विद्रोहियों से बेस को दोबारा अपने कब्जे में लेने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया था. सूफान सेंटर के सीनियर रिसर्च फेलो वसीम नस्र ने बताया कि वफादार सुरक्षा बलों ने एयरपोर्ट पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सैन्य टुकड़ियां राजधानी की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि वे विद्रोहियों का समर्थन करने जा रही थीं या जुंटा यानी सैन्य शासन के पक्ष में थीं.

Niger soldiers killed arrested apparent mutiny

नाइजीरिया में शाम की नमाज के दौरान मस्जिद में धमाका, 5 लोगों की मौत, 35 से ज्यादा घायल

हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं कर सका कि नाइजर की सुरक्षा बलों ने सैन्य अड्डे पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया था या नहीं. सरकारी ब्रॉडकास्टर ने शनिवार सुबह कुछ समय के लिए अपना लाइव प्रसारण रोक दिया था, जिसे बाद में फिर से शुरू कर दिया गया। प्रसारण के दौरान नाइजर के रक्षा मंत्री जनरल सालिफू मोडी ने कहा कि सैनिकों के एक समूह ने सैन्य अड्डे पर कुछ अधिकारियों को बंधक बना लिया था और अनुशासन एवं सैन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संवेदनशील ठिकानों पर गोलीबारी की थी।

पश्चिम से संबंध तोड़कर रूस का रुख किया

युवा सैनिकों ने जहां पर अधिकारियों को बंधक बनाया था वह नाइजर वायु सेना का बेस है. साथ ही नाइजर-बुर्किना फासो-माली की संयुक्त सैन्य फोर्स का मुख्यालय भी है. अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में कई तख्तापलट के बाद अब ये तीनों पड़ोसी देश सैन्य शासन के अधीन हैं, लेकिन असुरक्षा से जूझ रहे हैं. नाइजर में सैन्य शासन (जंटा) 2023 में तख्तापलट के बाद सत्ता में आया था. उनका कहना था कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि चुनी हुई सरकार सशस्त्र हिंसा को रोकने में नाकाम रही थी. तब से 2.5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले इस पश्चिमी अफ्रीकी देश ने पश्चिमी देशों के साथ अपने पुराने सुरक्षा सहयोगियों से संबंध तोड़ लिए थे और रूस की तरफ रुख किया. दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि सैन्य शासन उग्रवादी हिंसा और सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर हो रही हत्याओं को रोकने में नाकाम रहा है, जिससे सेना के भीतर असंतोष बढ़ रहा है.

Niger soldiers killed arrested apparent mutiny

इस्लामिक आतंकियों ने नाइजीरिया में मचाया तांडव, 11 लोगों की मौत और कई घरों को फूंका

सेना ने की देश के लोगों से एकता की अपील

सत्ताधारी सैन्य परिषद को ‘नेशनल काउंसिल फॉर द सेफगार्ड ऑफ द होमलैंड’ के नाम से जाना जाता है. उन्होंने देश में एकता की अपील की है. सेना ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि हमारे रक्षा और सुरक्षा बल देश की रक्षा के लिए तैनात हैं. आइए हम एकजुट, सतर्क और सहयोगी बने रहें. अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि देश ने अपने दक्षिण-पूर्वी पड़ोसी नाइजर को इस मुश्किल दौर से उबरने और जल्द ही स्थिरता लाने के लिए अपना पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया. इस साल डियोरी हामानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मौजूद बेस पर यह तीसरा हमला है. इससे पहले जिहादी विद्रोहियों ने दो बार हमला किया था. कॉन्फ्लिक्ट मॉनिटर ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ में वेस्ट अफ्रीका के सीनियर एनालिस्ट हेनी नसाबिया ने कहा कि ये हमले आम बात होते जा रहे हैं और इनसे सेना के भीतर अशांति और तनाव और बढ़ेगा.

पिछले साल भी उठाना पड़ा था भारी नुकसान

हेनी नसाबिया ने यह भी कहा कि बढ़ती असुरक्षा के कारण ही मध्य साहेल में तख्तापलट हुए थे. साथ ही हाल की घटनाएं दिखाती हैं कि वही दबाव अब उन सेनाओं के भीतर भी अशांति पैदा कर रहा है जिन्होंने सत्ता पर कब्जा किया था. इस बगावत से सैन्य अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है, जो जानलेवा जिहादी हिंसा को रोकने में नाकाम रहे हैं. 2023 के तख्तापलट से पहले साहेल में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े जिहादियों से लड़ने में नाइजर इस क्षेत्र में पश्चिम का आखिरी भरोसेमंद साथी था. हालांकि, रूस के ‘अफ्रीका कॉर्प्स’ की मदद के बावजूद देश की सुरक्षा बलों पर कई मोर्चों पर जिहादी समूहों का भारी दबाव है. पिछले साल हुए लगातार हमलों में सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

Niger soldiers killed arrested apparent mutiny

Military of Burkina Faso : ‘पाक’ के बाद बुर्किना फासो में है दुनिया की सबसे क्रूर आर्मी! 100 लोगों की ली थी जान

जानें कहां से शुरू हुई लड़ाई?

नाइजर के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि देश में सैनिकों के एक समूह ने एक अहम मिलिट्री बेस पर अधिकारियों के खिलाफ बगावत कर दी. इसके बाद वह नियामे में संवेदनशील जगहों पर गोलीबारी करने लगे. इस दौरान गोलीबारी और धमाके भी हुए. यह काफी संवेदनशील जगह मानी जाती है क्योंकि यहां पर ‘बेस 101’ नाम का मिलिट्री एयर बेस है, राष्ट्रपति भवन और अहम संस्थान स्थित हैं. यह नाइजर की मिलिट्री सरकार (जंटा) के लिए एक और खतरा है, जिसने 2023 में तख्तापलट करके सत्ता संभाली थी. जंटा लीडर अब्दौराहमाने चियानी ने पश्चिमी सुरक्षा सहयोगियों से संबंध तोड़ लिए और रूस का रुख किया है. हालांकि, इसे अभी भी जिहादी विद्रोहियों के हमलों और मदद में कटौती के बाद बिगड़ती आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि इस साल यह तीसरी बार है जब डियोरी हामानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित बेस पर हमला हुआ है. इससे पहले जिहादी विद्रोहियों ने दो बार हमला किया था. एयरपोर्ट के आसपास और प्लेटो जिले में सुरक्षा बल तैनात किए गए, जबकि नियामे जाने वाली एक मुख्य सड़क बंद कर दी गई.

Niger soldiers killed arrested apparent mutiny

वहीं, स्थानीय सांसद बाना वागाना इब्राहिम ने शनिवार की घटना को ‘कायरतापूर्ण हमला’ बताया और कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है. यह एयरपोर्ट एक रणनीतिक केंद्र है जहां नाइजर वायु सेना का बेस और नाइजर-बुर्किना फासो-माली की संयुक्त सैन्य फोर्स का मुख्यालय भी स्थित है. इस ताजा हमले से सैन्य अधिकारियों पर दबाव और बढ़ गया है, जो घातक जिहादी हिंसा को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हिंसा ने अफ्रीका के साहेल क्षेत्र के कुछ हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिनमें नाइजर के पड़ोसी देश बुर्किना फासो और माली भी शामिल हैं.

क्यों बढ़ रहा है नाइजर में सेना असंतोष?

जानकारों का कहना है कि नाइजर में सैन्य शासन 2023 में तख्ता पलटने के बाद सत्ता में आया था. उस दौरान जुंटा ने दावा किया था कि निर्वाचित सरकार देश में हिंसा को रोकने में बुरी तरह विफल हो रही है. सत्ता संभालने के बाद नाइजर शासन ने अपने पुराने सहयोगी पश्चिम से दूरी बना ली और रूस की तरफ नजदीकियां करना भी शुरू कर दिया. इसके बाद भी देश में उग्रवादी घटनाएं कम नहीं हुईं और सुरक्षा बलों पर हमले जारी रहे. विश्लेषकों कहना है कि लगातार बिगड़ती व्यवस्था के कारण सेना के बीच भी असंतोष बढ़ता जा रहा है.

पश्चिम अफ्रीका में बड़ा उलटफेर: बुर्किना फासो ने अपने अहम सहयोगी फ्रांस से तोड़े रिश्ते

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?