BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधा. पुतिन ने कहा कि दुनिया समय के साथ लगातार बदल रही है. उन्होंने दावा किया कि BRICS अब G7 को काफी पीछे छोड़ चुका है और पिछले पांच वर्षों के ठोस आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं. पुतिन ने कहा कि उन्हें लगता है कि इंडोनेशिया के उनके साथी पहले ही इन आंकड़ों का जिक्र कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की GDP में BRICS देशों की हिस्सेदारी 40 फीसदी से अधिक रही है, जबकि तथाकथित G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ की हिस्सेदारी महज 29 फीसदी है.
‘ब्रिक्स’ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक रिश्तों की रीढ़ : पुतिन
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री, साथियों, राष्ट्राध्यक्षों और दर्शकों में मौजूद दोस्तों हमारे देशों के बिजनेस समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. हमारा आज का कार्यक्रम परंपरा के अनुसार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत है. उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स क्षेत्र में बिजनेस संपर्कों और रिश्तों को मजबूत करने में बढ़ती दिलचस्पी को दिखाती है. यह स्पष्ट है कि भरोसेमंद बिजनेस-टू-बिजनेस संबंध और आर्थिक साझेदारियां अंतरराष्ट्रीय आर्थिक रिश्तों की रीढ़ हैं. वे इन रिश्तों को मजबूत और लचीले ढंग से बनाने में मदद करते हैं. पुतिन कहते हैं कि वे दुनिया के सामने आ रही समस्याओं से निपटने में मदद करते हैं. साथ ही दुनिया संरचनात्मक, गहरे और बड़े बदलावों से गुजर रही है.
ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे : PM
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है. इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ चार देश शामिल थे. आज ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों तक बढ़ गया है. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की 50% आबादी, 40% GDP और 25% से ज्यादा ग्लोबल ट्रेड का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा जहां इन सालों में ग्लोबल GDP लगभग ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की कुल GDP लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है.
ये है ब्रिक्स सम्मेलन का विषय
प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ी है. ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और समाधानों के लिए भी अहम केंद्र के तौर पर उभर रहे हैं. हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहल से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता दायरा रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिख रही हैं. भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है. पीएम ने यह भी कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय है- ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ पिछले 12 सालों में भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है.
सप्लाई चेन को भरोसेमंद बनाया
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नोलॉजी तक के सेक्टर में सप्लाई चेन को ज्यादा विविध और भरोसेमंद बनाया है. इसी मजबूती का नतीजा है कि आज ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है. हम तेजी से अपनी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विस्तार कर रहे हैं. साथ ही हम शिपबिल्डिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक सेक्टर में नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं. भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल समावेशन और डिजिटल ट्रांजैक्शन को नई गति दी है. उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम पेमेंट इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके होते हैं.
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News Source: PTI
