Dollar vs Rupee: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में लगातार गिरावट का दौर जारी है. इस बीच आज एक बार फिर से रुपये को झटका लगा है. इसकी पीछे की एक बड़ी वजह अमेरिका के द्वारा भारत समेत अन्य देशों पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ के प्रस्ताव को लाना बताया जा रहा है. आज बुधवार को मार्केट खुलते ही भारतीय करेंसी में गिरावट दर्ज की गई. यह आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआती कारोबार के दौरान 28 फीसदी तक गिरी. बता दें कि मंगलवार को भी भारतीय रुपया 17 पैसे गिरकर बंद हुआ था.
डॉलर के मुकाबले 95.64 पर रुपया
मार्केट खुलने के बाद भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.64 पर कारोबार करते हुए दिखा है. मिली जानकारी के अनुसार, आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 पर खुला. फिर शुरुआती कारोबार में यह 95.64 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे कम है. मालूम हो कि मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 95.36 पर बंद हुआ था.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉलर के मुकाबले रुपये की इस चाल पर जानकार और फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुई शत्रुता और रुकी हुई वार्ता के बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की कार्रवाई ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर नकारात्मक प्रभाव डाला है. वहीं, एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि निवेशक पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं और अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के रुख के बारे में नए संकेत दे सकते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि बाजार के प्रतिभागी अब 5 जून को आरबीआई एमपीसी के ब्याज दर संबंधी फैसले पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि मुद्रास्फीति, विकास और रुपया चर्चा का विषय हैं.
12.5% के अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहने के लिए भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है. यह कार्रवाई उन 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की गई है, जिनके बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे जबरन श्रम से बने आयात पर प्रतिबंध लगाने और प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे हैं.
भारत ने जबरन श्रम संबंधी धारा के तहत लगे आरोपों का खंडन किया है और अमेरिका से जांच समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा है कि ऐसे मामलों को चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के ढांचे के भीतर ही निपटाया जाना चाहिए. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भारत, चीन, जापान, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित 54 देश जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे हैं.
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News Source: PTI
