Home Latest News & Updates दलाल स्ट्रीट पर फिर मचा हाहाकार, Sensex 1045 अंक टूटा, Nifty 52 वीक के लो लेवल पर

दलाल स्ट्रीट पर फिर मचा हाहाकार, Sensex 1045 अंक टूटा, Nifty 52 वीक के लो लेवल पर

by Preeti Pal 8 October 2026, 4:33 PM IST
8 October 2026, 4:33 PM IST
दलाल स्ट्रीट पर फिर मचा हाहाकार, Sensex 1045 अंक टूटा, Nifty 52 वीक के लो लेवप पर

Sensex Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बहुत भारी रहा. दलाल स्ट्रीट पर ऐसी बिकवाली देखने को मिली कि कारोबार खत्म होते-होते सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया. वहीं, निफ्टी 52 हफ्ते के नए निचले लेवल पर पहुंच गया. महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, RBI की सख्त होती नीति और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया.

सेंसेक्स का बुरा हाल

गुरुवार को कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 1045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,593.24 पर बंद हुआ. बुधवार को ये 72,638.70 पर बंद हुआ था. वहीं, NSE निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत टूटकर 22,231.80 पर पहुंच गया. दिन के कारोबार में निफ्टी ने 22,179 का नया 52-वीक लो बनाया. यानी बाजार में बिकवाली का दबाव इतना मजबूत रहा कि ज्यादातर इंडेक्स अप्रैल 2026 के लो लेवल के आसपास पहुंच गए.

क्यों गिरा बाजार?

बाजार की गिरावट के पीछे कई वजह एक साथ काम कर रही हैं. सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आया. कच्चा तेल 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. मिडिल ईस्ट में तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता की वजह से तेल की कीमतों में तेजी आई है. महंगा तेल भारत जैसे देश के लिए चिंता बढ़ाता है. इससे महंगाई और आयात बिल दोनों पर दबाव पड़ सकता है. दूसरा बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली है. विदेशी पैसा बाजार से बाहर निकलने पर बड़े शेयरों में भी दबाव बढ़ जाता है. इसका असर सीधे सेंसेक्स-निफ्टी पर दिखाई देता है.

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RBI का रेट हाइक

बाजार को RBI की सख्त मौद्रिक नीति ने भी झटका दिया है. RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है. साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है. इससे निवेशकों को लग रहा है कि, आने वाले टाइम में ब्याज दरों को लेकर राहत आसान नहीं होगी. महंगे कर्ज का मतलब कंपनियों के लिए बढ़ी हुई लागत और कई सेक्टरों के लिए कम मांग हो सकता है. यही वजह है कि रियल्टी, मेटल और एनर्जी जैसे सेक्टरों में तेज बिकवाली देखने को मिली.

मिडकैप शेयरों पर ज्यादा मार

गुरुवार को लगभग पूरे बाजार में लाल निशान दिखाई दिया. निफ्टी मिडकैप 50 में 2.71 प्रतिशत की गिरावट रही. मेटल इंडेक्स 3 प्रतिशथ से ज्यादा टूटा. हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा. निफ्टी में कुछ IT शेयरों ने जरूर थोड़ी मजबूती दिखाई. इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक बढ़ने वाले शेयरों में रहे. दूसरी तरफ अडानी एंटरप्राइजेज, JSW स्टील, ITC और कुछ बाकी शेयरों में तेज गिरावट रही.

आगे क्या होगा?

अब निवेशकों की नजर 22,200-22,180 के आसपास के लेवल पर रहेगी. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर निफ्टी इस सपोर्ट जोन के नीचे टिकता है तो 21,700 से 22,000 की तरफ और कमजोरी देखने को मिल सकती है. वहीं, 22,500-22,600 के ऊपर वापसी होने पर बाजार में बिकवाली का दबाव कुछ कम हो सकता है. फिलहाल बाजार में महंगा तेल, ऊंची बॉन्ड यील्ड, विदेशी बिकवाली और सख्त मौद्रिक नीति जैसे कई दबाव एक साथ हैं. ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा.

News Source: ANI

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