Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत निवेशकों के लिए बिल्कुल भी राहत भरी नहीं रही. कमजोर वैश्विक संकेतों और बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दिखी. शुरुआत में ही सेंसेक्स करीब 800 अंक तक फिसल गया. वहीं, जबकि निफ्टी 23,600 के नीचे पहुंच गया. इसके साथ ही बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला इंडिया VIX भी करीब 9 प्रतिशत उछल गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई.
लाल निशान में बाज़ार
सुबह बाजार खुलते ही लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए. आईटी, मेटल, बैंकिंग, ऑटो और फार्मा जैसे प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला. हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों ने इस गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई और निवेशकों को थोड़ी राहत दी. सुबह करीब 10 बजे तक सेंसेक्स लगभग 780 अंक की गिरावट के साथ 75,600 के आसपास कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी भी करीब 224 अंक टूटकर 23,650 के स्तर के आसपास पहुंच गया. बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही. बढ़त वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या कहीं अधिक रही. इससे साफ संकेत मिला कि बिकवाली सिर्फ कुछ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि लगभग पूरे बाजार में देखने को मिली.
टॉप शेयर
अगर निफ्टी के टॉप प्रदर्शन करने वाले शेयरों की बात करें तो सिप्ला, एचसीएल टेक, ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज और कोल इंडिया ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई. दूसरी तरफ इंफोसिस, इटरनल, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज और हिंडाल्को जैसे बड़े शेयरों में दबाव बना रहा. माना जा रहा है कि भारतीय बाजार पर वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर देखने को मिल रहा है. अमेरिका के शेयर बाजार में आई तेज गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है. यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं.
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फिसल गया रुपया
इस बीच भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली. डॉलर के मुकाबले रुपया 96.63 के स्तर पर खुला. पिछले कारोबारी सत्र में ये 96.57 पर बंद हुआ था. डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये पर दबाव बनाए हुए हैं. विदेशी और घरेलू निवेशकों के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. 23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 2,999 करोड़ रुपये की बिकवाली की. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की. हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है.
वैश्विक बाजार
वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई. टेक कंपनियों के नतीजों के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ते खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है. दरअसल, लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमलों और कजाकिस्तान में उत्पादन में कटौती की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसका असर पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है. तेल महंगा होने से परिवहन, उत्पादन और कई उद्योगों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर कंपनियों की कमाई पर भी पड़ सकता है. फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा बना हुआ है.
News Source: PTI
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बाजार को झटका! सेंसेक्स 200 अंक लुढ़का, निफ्टी का लाल निशान में कारोबार
