Stock Market Update: बुधवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर लेकर नहीं आई. ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई एक बार फिर तेज होने से दुनियाभर के बाजारों में बेचैनी बढ़ गई. इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला. कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स करीब 700 अंक लुढ़क गया. वहीं, निफ्टी भी 200 से ज्यादा अंक टूटकर 23,900 के नीचे पहुंच गया. प्री-ओपनिंग सेशन में ही बाजार का मूड साफ नजर आ रहा था. सेंसेक्स 540 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 76,397.24 के स्तर पर था. वहीं, निफ्टी करीब 203 अंक टूटकर 23,852.05 पर कारोबार कर रहा था. यानी बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों को अंदाजा हो गया था कि बुधवार का दिन आसान नहीं रहने वाला है.
सिर्फ एक शेयर हरे निशान में
सुबह बाजार खुलने के शुरुआती मिनटों में सेंसेक्स 702.53 अंक यानी 0.91 प्रतिशत गिरकर 76,241.75 पर आ गया. निफ्टी भी 234.90 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,820.90 पर पहुंच गया. सेंसेक्स की 30 कंपनियों में शुरुआती कारोबार के दौरान सिर्फ सन फार्मा हरे निशान में नजर आई. दूसरी तरफ श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एनटीपीसी जैसे शेयरों पर खासा दबाव रहा. निफ्टी के गेनर्स में कोल इंडिया और ओएनजीसी शामिल रहे. पूरे बाजार की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही थी. करीब 803 शेयर बढ़त में थे. वहीं, 1,555 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा 158 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ही थे. आईटी और रियल्टी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. वहीं, निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे रहे.
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कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक है कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल. अमेरिका और ईरान के बीच रातभर हुए हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत चढ़कर 96.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. ये लगभग 6 हफ्तों का हाई लेवल है. तेल महंगा होना भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता की बात है. अगर लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है. इसका असर कंपनियों की लागत, आम लोगों के खर्च और अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भी पड़ सकता है.
एशियाई बाजार भी दबाव में
ईरान-अमेरिका वॉर बढ़ने की खबर का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा. एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. निवेशकों में ये चिंता बढ़ी कि महंगा तेल महंगाई को फिर हवा दे सकता है. साथ ही दुनिया के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना सकते हैं. वहीं, अमेरिका की तरफ से ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की जानकारी सामने आई. जिसके बाद ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई हुई. इस घटनाक्रम ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
इन शेयरों ने छुआ लो लेवल
बाजार में गिरावट के बीच कई शेयरों ने 52 हफ्ते का निचला स्तर भी छुआ. वोल्टास का शेयर 1,180 रुपये तक गिरा और करीब 1.98 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया. इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन यानी IRFC का शेयर भी 81.40 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया. वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 1,975 रुपये तक फिसल गया, जो इसका नया 52 वीक लो है.
अडानी पोर्ट्स ने दी राहत
बाजार की इस कमजोरी के बीच अडानी पोर्ट्स से एक पॉजिटिव खबर आई. कंपनी ने बताया कि अगस्त 2026 में उसने एक महीने में रिकॉर्ड 50 मिलियन टन कार्गो संभाला. हालांकि, बाजार में भारी बिकवाली के बीच इसका असर शेयर पर बहुत बड़ा नहीं दिखा. अडानी पोर्ट्स का शेयर करीब 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 1,647.30 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. अब निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा ईरान-अमेरिका वॉर की अगली दिशा और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी. अगर तनाव लंबा खिंचता है और तेल लगातार महंगा रहता है, तो भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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