Hanuman Ansh Collection: फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर बड़े बजट, बड़े सितारे और बड़े प्रोडक्शन हाउस को सफलता की गारंटी माना जाता है. लेकिन कभी-कभी एक छोटी सी फिल्म पूरी इंडस्ट्री को चौंका देती है. ऐसी ही कहानी है ‘हनुमान अंश’ की. विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी इस डिवोशनल ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी कहानी सुनाई कि हर कोई हैरान रह गया. ‘हनुमान अंश’ ने बहुत ही कम कमाई से बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत की. अब ये फिल्म दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म को 3 महिलाओं ने मिलकर फाइनेंस किया था. तीनों ने करीब 60-60 लाख रुपये लगाकर ये फिल्म बनाई.
वैसे, कभी भारत के सबसे बड़े स्ट्रीमर ने इस फिल्म को ठुकरा दिया था. अब हालात ऐसे हैं कि फिल्म की थिएट्रिकल सफलता के बाद एक नहीं, बल्कि दो से तीन OTT प्लेटफॉर्म इसे इसके राइट्स खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. यानी जिस फिल्म को कभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिली, उसके लिए अब OTT पर ऑफर की लाइन लगती दिखाई दे रही है.

कम बजट, लेकिन बड़ा मैजिक
‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की वजह से खास नहीं है. दरअसल, इसके पीछे खड़ी तीन महिला प्रोड्यूसर्स की कहानी भी काफी दिलचस्प है. रागिनी सोना और नम्रता जी सिंह फिल्म की शुरुआती प्रोड्यूसर टीम का हिस्सा थीं. बाद में 21 साल की अनुप्रिया नागर भी इस फिल्म का हिस्सा बन गईं. अनुप्रिया ने हाल ही में बताया कि उनके बारे में कई ऐसी बातें सामने आईं, जो पूरी तरह सही नहीं थीं. उन्होंने बताया कि वो फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट से जुड़ी थीं. उस समय फिल्म को पोस्ट प्रोडक्शन के लिए फंड की जरूरत थी. अनुप्रिया के मुताबिक, फिल्म का कुल बजट करीब 1.8 करोड़ रुपये था. उन्होंने इसका एक तिहाई हिस्सा लगाया, यानी करीब 60 लाख रुपये. इस तरह तीनों महिला निर्माताओं ने लगभग बराबर के पैसे फिल्म में लगाए. हालांकि, फिल्म के बजट को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 1.8 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के आंकड़े सामने आए हैं. लेकिन एक बात साफ है कि फिल्म का बजट बहुत कम था और उसे देखकर इसकी कमाई बहुत ही असाधारण है.
फिल्म से कैसे जुड़ीं अनुप्रिया?
अनुप्रिया नागर ने एक इंटरव्यू में बताया कि वो तीनों प्रोड्यूसर में सबसे छोटी हैं. तीन अलग-अलग पीढ़ियों की महिलाएं इस फिल्म के निर्माण से जुड़ी हैं. उनके मुताबिक, फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद उन्हें टीम की जरूरत के बारे में पता चला. तब फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन के लिए पैसों की जरूरत थी और उन्होंने इसी टाइम ‘हनुमान अंश’ में निवेश किया. अनुप्रिया ने बताया कि नीम करोली बाबा महाराज से जुड़ी प्रेरणा ने उन्हें इस प्रोजेक्ट में योगदान देने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि, अब अपनी भक्ति को पूरी तरह इस फिल्म के माध्यम से समर्पित करने का मौका है. उन्होंने ज्यादा सोच विचार किए बिना फिल्म में निवेश का फैसला किया. वैसे, आपको बता दें कि अनुप्रिया ने कई सालों तक यूके में पार्ट टाइम काम भी किया है.

डायरेक्टर ने की तारीफ
डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि, रागिनी सोना और नम्रता सिंह ने इस फिल्म पर भरोसा किया. उन्होंने ऐसे समय पैसा लगाया, जब उनके पास बहुत ज्यादा सुरक्षा या गारंटी नहीं थी. वैसे, देखा जाए तो, ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक डायरेक्टर की कहानी नहीं है. इसके पीछे कई लोगों का भरोसा, आर्थिक जोखिम और आस्था भी जुड़ी हुई है. इसके अलावा फिल्म की सफलता के साथ अनुप्रिया नागर का नाम तेजी से चर्चा में आया. इसके बाद कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उन्होंने फिल्म की कहानी लिखी है. विशाल चतुर्वेदी ने इन दावों को खारिज किया. उन्होंने बताया कि अनुप्रिया ने खुद इन बातों का खंडन किया है. ये सभी खबरें गलत हैं. उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े लोगों की भूमिकाओं को सही तरीके से समझना जरूरी है, खासकर उन निर्माताओं का जिन्होंने शुरुआत से प्रोजेक्ट पर भरोसा किया.
कई OTT दिखा रहे हैं दिलचस्पी
अब कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ आता है OTT को लेकर. प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ की थिएट्रिकल सफलता के बाद कई OTT प्लेटफॉर्म फिल्म के राइट्स खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उनके मुताबिक, कभी-कभी एक या दो नहीं बल्कि तीन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म तक फिल्म में इंटरेस्ट दिखा रहे हैं. ये बदलाव फिल्म की सफलता को दिखाता है. वैसे, जिस प्रोजेक्ट को शुरुआत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खास प्रतिक्रिया नहीं मिली, वही फिल्म अब थिएटर में दर्शकों की पसंद बनने के बाद OTT के लिए अट्रैक्शन बन गई है. रागिनी ने बताया कि फिल्म बनाते हुए OTT उनका लक्ष्य था ही नहीं. उनकी प्लानिंग शुरू से ही इसे बड़े पर्दे पर रिलीज करने की थी. उन्होंने कहा कि टीम शुरुआत से सिनेपोलिस के साथ डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप को लेकर बातचीत कर रही थी. फिल्म बनाने के दौरान भी उन्हें यकीन था कि इसकी असली ताकत बड़े पर्दे पर ही दिखाई देगी.
बजट और लोकेशन बने गेमचेंजर
‘हनुमान अंश’ की सफलता का एक बड़ा कारण इसका छोटा बजट भी बताया जा रहा है. प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि किसी प्रोजेक्ट को जरूरत से ज्यादा महंगे बजट में बनाना जोखिम बढ़ा देता है. उन्होंने डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी से भी बजट पर नियंत्रण रखने को कहा था. हालांकि, जहां जरूरत थी, वहां टीम को खर्च करने की आजादी दी गई. फिल्म की शूटिंग असली लोकेशन पर की गई. इसका फायदा ये हुआ कि फिल्म की कहानी ज्यादा सिंपल और वास्तविक महसूस हुई. यही सादगी दर्शकों के साथ कनेक्शन बनाने में काम आई. कई बार बड़े सेट, भारी VFX और चमक दमक से भरी फिल्में लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करती हैं. हालांकि, ‘हनुमान अंश’ ने इसके उलट सादगी और आध्यात्मिक भावनाओं के जरिए अपनी जगह बनाई.

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22 दिन में पूरी हुई शूटिंग
डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि, टीम के पास 26 दिनों की शूटिंग के हिसाब से बजट था. लेकिन शूटिंग के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अगर इसी रफ्तार से काम जारी रहा तो पैसे खत्म हो सकते हैं. ऐसे में टीम ने शूटिंग को और ज्यादा बढ़िया तरीके से मैनेज किया. फिर 26 दिन की प्लानिंग को घटाकर सिर्फ 22 दिनों में शूट पूरा किया गया. यानी कम पैसा, सीमित समय और सीमित संसाधन, फिर भी टीम ने फिल्म को पूरा किया. यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं, पर्दे के पीछे भी काफी दिलचस्प है.
बजट से 150 गुना फायदा
अब आते हैं उस आंकड़े पर जिसने पूरी कहानी को सुर्खियों में ला दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हनुमाम अंश’ ने 40 दिनों में दुनियाभर में करीब 300 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. भारत में फिल्म की ग्रॉस कमाई करीब 275 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अगर फिल्म के करीब 2 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट से तुलना करें तो इसकी दुनियाभर की कमाई बजट से लगभग 150 गुना बैठती है. यही वो आंकड़ा है जो ‘हनुमान अंश’ को एक नॉर्मल बॉक्स ऑफिस सक्सेस से अलग बनाता है. हालांकि, फिल्मों के प्रोफिट का हिसाब सिर्फ बॉक्स ऑफिस ग्रॉस और प्रोडक्शन बजट को सीधे घटाकर नहीं किया जा सकता. इसमें डिस्ट्रीब्यूशन, मार्केटिंग, टैक्स और रेवेन्यू शेयरिंग जैसे कई खर्च शामिल होते हैं. फिर भी छोटे बजट के मुकाबले इतनी बड़ी कमाई वाकई में बहुत बड़ी उपलब्धि है.
अब ट्रिलॉजी की तैयारी
फिल्म की सफलता का असर सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहने वाला. ‘हनुमान अंश’ को अब ट्रिलॉजी में बदलने की तैयारी भी चल रही है. फिल्म की प्रोज्यूसर नम्रता सिंह के मुताबिक, फिल्म की सफलता के बाद मेकर्स दो सीक्वल बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं. यानी कहानी का सफर एक फिल्म के साथ खत्म होने के बजाय आगे भी जारी रहेगा. इतना ही नहीं, तीसरे पार्ट को लेकर भी बड़ी प्लानिंग हो रही है. माना जा रहा है कि कहानी को आगे चलकर ग्लोबल स्टेज तक ले जाने की तैयारी है. अगर ऐसा होता है तो एक सीमित बजट वाली आध्यात्मिक फिल्म से शुरू हुआ ये सफर एक बड़ी इंटरनेशनल फ्रैंचाइजी में बदल सकता है.

नीम करोली बाबा की जिंदगी
‘हनुमान अंश’ फिल्म में शोबिना सत्य लीड रोल में हैं. ये फिल्म नीम करोली बाबा की जिंदगी और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित है. नीम करोली बाबा का जन्म नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है. उत्तराखंड का कैची धाम में आज भी उनके अनुयायियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है. यहां सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि दुनियाभर से लोग उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं. फिल्म में आस्था, प्रेम, करुणा, भक्ति और सेल्फलेस सर्विस जैसे सब्जेक्ट्स को कहानी का हिस्सा बनाया गया है. यही भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव शायद फिल्म के लिए सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित हुआ. शुरुआत में धीमी कमाई के बाद वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया. इसके बाद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ती चली गई.
एक छोटी फिल्म, बड़ा सबक
‘हनुमान अंश’ की पूरी कहानी बॉलीवुड के उस फॉर्मूले को थोड़ा चुनौती देती है जिसमें सफलता के लिए बड़े सितारे और बड़े बजट को जरूरी माना जाता है. यहां तीन महिलाओं ने 60-60 लाख रुपये लगाए, फिल्म ने वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग की, बजट को नियंत्रण में रखा और फिर दर्शकों की प्रतिक्रिया के दम पर बॉक्स ऑफिस पर लंबी पारी खेली. अब 300 करोड़ रुपये की कमाई के बाद OTT प्लेटफॉर्म इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे. इतना ही नहीं, फिल्म के मेकर्स इसकी फ्रैंचाइजी भी लाने की प्लानिंग कर रहे हैं. कभी जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिली, वही ‘हनुमान अंश’ अब ये साबित कर रही है कि अच्छी कहानी को दर्शक देर से सही, लेकिन पहचान ही लेते हैं. फिल्म का असली मंत्र शायद यही रहा, कि कम बजट, बड़ी आस्था और दर्शकों का भरोसा. अब देखना ये है कि इसकी कहानी 300 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद कहां तक पहुंचती है. इसके अलावा कौन सा ओटीटी प्लेटफॉर्म इस फिल्म के लिए बाज़ी मारेगा?
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