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छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता: दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के लिए बनेंगे कड़े नियम

by Live Times 12 June 2026, 1:05 PM IST (Updated 12 June 2026, 1:40 PM IST)
12 June 2026, 1:05 PM IST (Updated 12 June 2026, 1:40 PM IST)
छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता: दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के लिए बनेंगे कड़े नियम

Coaching Institutes: दिल्ली सरकार राजधानी में संचालित कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक और सख्त नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है. इसी कड़ी में शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा तथा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों से संबंधित नीति और नियमों को तैयार करने की प्रक्रिया के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है.

हादसे के बाद जागी सरकार

सरकार का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा, कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक समग्र नियामक ढांचा लागू किया जाएगा. दरअसल, वर्ष 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुई दर्दनाक घटना के बाद कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे.

उस हादसे में बेसमेंट में जलभराव और सुरक्षा मानकों की कमी के कारण कई छात्रों की जान चली गई थी. घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आरके गौबा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था. गौबा समिति ने अपनी रिपोर्ट में कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली में मौजूद कई खामियों और कमजोरियों की पहचान की थी. साथ ही सुरक्षा, निगरानी और नियमन को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए थे. इन्हीं सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार अब एक नई नीति तैयार करने जा रही है.

इन विभागों के अफसर रहे मौजूद

बैठक में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, शहरी विकास विभाग और उच्च शिक्षा निदेशालय समेत विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर कोचिंग संस्थानों के संचालन को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने पर चर्चा की गई. बैठक के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि अब बिखरी हुई निगरानी व्यवस्था के स्थान पर एक समन्वित शैक्षणिक एवं नियामक प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

बहु-विषयक समिति तैयार करेगी दिशा-निर्देश

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि एक बहु-विषयक समिति का गठन किया जाएगा, जो कोचिंग संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी. ये दिशा-निर्देश शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, भवन एवं आधारभूत संरचना मानकों, अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों के कार्य परिस्थितियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को कवर करेंगे.

इसके अलावा छात्रों और कर्मचारियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने तथा नियमित निरीक्षण और अनुपालन की निगरानी सुनिश्चित करने की भी योजना है. आशीष सूद ने कहा कि प्रस्तावित नियामक ढांचा कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित, पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र केंद्रित वातावरण तैयार करेगा. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली देश का पहला अग्रणी राज्य बनने जा रहा है, जो कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए इतने व्यापक दिशा-निर्देश लागू करेगा.

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दिल्ली से शालिनी झा की रिपोर्ट

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