Home Latest News & Updates 6 साल पहले PM ने रखी थी राम मंदिर की नींव, 1.2 लाख लोगों को मिला रोजगार, जानें कितनी बदली अयोध्या

6 साल पहले PM ने रखी थी राम मंदिर की नींव, 1.2 लाख लोगों को मिला रोजगार, जानें कितनी बदली अयोध्या

by Neha Singh 3 August 2026, 4:35 PM IST
3 August 2026, 4:35 PM IST
Ayodhya Development

Ayodhya Development: छह साल पहलें जब राम मंदिर की आधारशिला रखी गई थी, तब हर राम भक्त भावुक हो गया था. 500 वर्षों की लड़ाई के बाद राम भक्तों को वह पल देखने को मिला. सिर्फ अयोध्या ही नहीं, पूरे देश में वह दिन त्योहार की तरह मनाया गया. भूमिपूजन का वह दिन ऐतिहासिक है, जिसे कोई भूल नहीं सकता. उसी दिन से राम नगरी की विकास यात्रा भी शुरू हो गई थी.

5 अगस्त, 2020 को राम मंदिर की नींव रखने के छह साल बाद, अयोध्या का नजारा पूरी तरह बदल गया है. कभी सिर्फ धार्मिक टूरिज्म तक सीमित यह शहर अब देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्रों में से एक है. राम मंदिर के बनने और उससे जुड़े डेवलपमेंट से न सिर्फ पर्यटन बढ़ा है, बल्कि होटल, ट्रांसपोर्टेशन और छोटे बिजनेस में भी काफी तेजी आई है. करोड़ों भक्तों के आने से लोकल इकॉनमी को नई रफ्तार मिली है, जिससे शहर का नजारा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस का माहौल पूरी तरह बदल गया है.

कोर्ट से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक का सफर

अयोध्या में श्री राम मंदिर का फिर से बनना सदियों पुरानी धार्मिक आस्था, सामाजिक-राजनीतिक लड़ाई और कानूनी दखल का नतीजा है. इस मुद्दे की जड़ें 1528 से जुड़ी हैं, जब मुगल सेनापति मीर बाकी ने कथित तौर पर बाबरी मस्जिद बनाने के लिए भगवान राम के जन्मस्थान पर बने एक हिंदू मंदिर को तोड़ दिया था. सालों से उस जगह के आसपास तनाव बढ़ता गया, जिससे धार्मिक दंगे और लंबे कानूनी झगड़े हुए. 1992 तक, कारसेवकों ने मस्जिद को गिरा दिया, जिससे पूरे देश में हिंसा भड़क गई और लिब्रहान कमीशन बना. बाद में पुरातत्व सबूतों ने मस्जिद के नीचे मंदिर जैसे ढांचे के दावों को पक्का किया और सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राम मंदिर के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया. 40 दिनों की कड़ी सुनवाई और सबूतों की समीक्षा के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर बनाने के लिए पूरी 2.77 एकड़ विवादित जगह देने का आदेश दिया. साथ ही निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ दूसरी जमीन दी जाए.

केंद्र सरकार ने मंदिर बनाने की देखरेख के लिए फरवरी 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाया. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अगस्त 2020 में भूमि पूजन हुआ और 2021 में निर्माण कार्य शुरू हुआ. 2024 की शुरुआत तक, गर्भगृह पूरा हो गया और राम लला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई. इसके बाद से ही श्रद्धालुओं के लिए राम लला के दर्शन शुरु हो गए. 25 नवंबर 2025 तक मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया और शिखर पर धर्मध्वजा फहराई गई.

2.3 करोड़ से ज्यादा आ रहे टूरिस्ट

राम मंदिर बनने से पहले, अयोध्या एक छोटा सा शहर था जो मुख्य रूप से अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता था. इसकी अर्थव्यवस्था ज़्यादातर मौसमी तीर्थयात्राओं और छोटे पैमाने के व्यापार पर निर्भर थी. सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर, खराब कनेक्टिविटी और बहुत कम शहरी निवेश के कारण, शहर की कमर्शियल गतिविधियां दशकों तक रुकी रहीं. भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (IIM-L) की रिपोर्ट में अयोध्या के विकास के बारे में वस्तार से बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 तक अयोध्या में हर साल केवल लगभग 1.7 लाख टूरिस्ट आते थे और उत्तर प्रदेश की कुल GDP में इसका योगदान बहुत कम था. स्थानीय लोग मंदिर की सेवाओं, धार्मिक यात्राओं, छोटे खाने की जगहों और यादगार चीजों की दुकानों पर निर्भर थे, जिनसे मामूली रोजी-रोटी तो मिलती थी लेकिन आर्थिक विकास सीमित होता था.

जनवरी 2024 में दर्शन शुरू होने के बाद अयोध्या की विकास यात्रा में बड़ा टर्निंग पॉइंट आया. 2022 में टूरिस्टों की संख्या बढ़कर 2.3 करोड़ से ज़्यादा हो गई और यह संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे अयोध्या भारत के सबसे तेजी से बढ़ते धार्मिक टूरिज्म हब में से एक बन गया है. इस बढ़ोतरी का शहर की इकॉनमी पर बहुत बड़ा असर पड़ा है. होटल चेन, रेस्टोरेंट और रिटेल आउटलेट्स इस भीड़ को संभालने के लिए तेजी से बढ़े हैं. लोकल बिजनेस ने कमाई में तीन से चार गुना बढ़ोतरी बताई है. मंदिर के आस-पास जमीन की कीमतें दस गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे अयोध्या एक रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बन गया है.

2025 में 5 करोड़ लोग आए मंदिर

अकेले जनवरी 2024 में 25 मिलियन से ज्यादा टूरिस्ट मंदिर आए हैं. 2025 तक सालाना टूरिस्ट के आने का अनुमान लगभग 50 से 60 मिलियन है. 2025-26 तक टूरिज्म से होने वाली कमाई सालाना ₹100 बिलियन को पार करने की उम्मीद है. इस ग्राफ के जरिए आप समझ सकते हैं कि 2024 और 2025 में कितने लोग मंदिर आए.

1.2 लाख लोगों को मिला रोजगार

जॉब क्रिएशन और रोजी-रोटी पर असर हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म, हैंडीक्राफ्ट और धार्मिक आर्टिफैक्ट्स, लोकल ट्रांसपोर्ट और टूर गाइड सर्विस जैसे एरिया में लगभग 1.2 लाख लोगों को रोजगार मिला है. 2025 तक, अयोध्या ने अपने आतिथ्य क्षेत्र में काफी प्रगति देखी है, जो श्री राम मंदिर के उद्घाटन के बाद टूरिज्म में बढ़ोतरी की वजह से हुई है. होटल रूम्स की संख्या 2020 में 3,500–4,000 से बढ़कर 2025 में 5,000 से ज्यादा हो गई है. अनुमान है कि 2031 तक टूरिस्ट की आने वाली भीड़ को संभालने के लिए 8,500–12,500 ब्रांडेड रूम्स की जरूरत होगी. 50 से ज़्यादा नए होटल और होमस्टे खुले हैं और बड़ी होटल चेन भारी इन्वेस्ट कर रही हैं. ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स ने अयोध्या के लिए बुकिंग में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की है. साथ ही, लोकल हैंडीक्राफ्ट्स, धार्मिक यादगार चीजों और मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है, जिससे कारीगरों और लोकल प्रोड्यूसर्स को फायदा हो रहा है.

ताज होटल्स, विवांता, मैरियट इंटरनेशनल और विंडहैम होटल्स एंड रिसॉर्ट्स जैसी कई मशहूर होटल चेन ने अयोध्या में प्रॉपर्टी बनाने के प्लान की घोषणा की है, जिससे शहर में रहने की जगह और बढ़ेगी. तीर्थयात्रियों और टूरिस्ट दोनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लगातार इन्वेस्टमेंट किए जा रहे हैं.

व्यापार, कमाई और टैक्स

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, अकेले मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से देश भर में ₹100,000 करोड़ से ज़्यादा का व्यापार हुआ, जिसमें अयोध्या का एक बड़ा हिस्सा रहा. इस व्यापार में अकेले उत्तर प्रदेश में लगभग ₹40,000 करोड़, महाराष्ट्र में ₹35,000 करोड़ और दिल्ली में करीब ₹25,000 करोड़ का कारोबार सामान एवं सेवाओं के जरिए दर्ज किया गया.

मंदिर प्रोजेक्ट ने अकेले ही लगभग ₹3,500–4,000 करोड़ का चढ़ावा इकट्ठा किया है, जिसे डिजिटल क्राउडफंडिंग, कॉर्पोरेट CSR योगदान और पब्लिक पार्टिसिपेशन से आसान बनाया गया. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब ₹327 करोड़ की सालाना कमाई हुई. वहीं ट्रस्ट ने पिछले 5 सालों में सरकार को लगभग ₹396 करोड़ का टैक्स चुकाया है.

उत्तर प्रदेश का टूरिज्म खर्च 2025 में ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या का बड़ा हाथ है. टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों से टैक्स रेवेन्यू ₹20,000–25,000 करोड़ होने का अनुमान है. निर्माण में तेजी से नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चौड़े हाईवे, एक रीडेवलप्ड रेलवे स्टेशन और मॉडर्न सिविक सुविधाओं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिला. ये सुधार न केवल टूरिस्ट की मदद करते हैं बल्कि स्थानीय लोगों की जीवन स्तर को भी बेहतर बनाते हैं. इसका आर्थिक असर कई सेक्टर में दिख रहा है.

छोटे बिजनेस को हुआ बड़ा फायदा

डेटा इस बात पर जोर देता है कि राम मंदिर प्रोजेक्ट ने तेजी से शहरी बदलाव के लिए कैसे एक कैटलिस्ट का काम किया. जनवरी 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन ने अयोध्या में एक आर्थिक तेजी को बढ़ावा दिया है, जो अलग-अलग छोटे व्यापारों में दिखी है. शहर में लोकल कमाई, टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर, एंटरप्रेन्योरशिप और रियल एस्टेट में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है. छोटे वेंडर्स की रोज की इनकम ₹400-₹500 से बढ़कर ₹2,500 तक हो गई है.

लगभग 6,000 MSMEs अयोध्या में आ गए हैं और टूरिज्म ग्रोथ की वजह से अगले 4-5 सालों में लगभग 1.5-2 लाख नई जॉब्स मिलने की उम्मीद है. आखिर में, रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ हुई है. मंदिर के पास जमीन की कीमतें पांच से दस गुना बढ़ गई हैं, जिससे देश भर के निवेशक आकर्षित हो रहे हैं.

राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा धार्मिक केंद्र बन गया है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था और लोगों का जीवन पूरी तरह बदल रहा है. अब यहां केवल कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि आने वाले लंबे समय तक मजबूत कमाई और विकास के नए रास्ते खुल गए हैं. नए होटल बनने, सड़कों और इमारतों के निर्माण, गाड़ियों के आने-जाने और सेवा क्षेत्र में तेजी आने से स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों और नए काम-धंधों की बाढ़ आ गई है. इसके साथ ही, अयोध्या का आधुनिक रूप सामने आने से व्यापार करना बहुत आसान हो गया है. आज देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु, एनआरआई (NRI) और रिसर्च करने वाले लोग यहां आ रहे हैं, जिसने अयोध्या को एक ग्लोबल टूरिज्म हब बना दिया है. कुल मिलाकर, राम मंदिर ने केवल अयोध्या की धार्मिक पहचान को ही मजबूत नहीं किया, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है. इससे कभी शांत रहने वाला तीर्थ शहर आज एक आधुनिक, विकसित और समृद्ध धार्मिक नगर बन गया है.

राम मंदिर ट्रस्ट ने तोड़ा ट्रस्ट? चढ़ावा गबन मामले में अब तक क्या हुआ, जानें देश के 5 बड़े मंदिर ट्रस्ट

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?