Aishwarya Rai Body Shaming: कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में एक बार फिर ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपनी मौजूदगी से सुर्खियां बटोरीं. लेकिन इस बार बातें उनके फैशन या ग्लैमर से ज्यादा उनके बढ़ते वेट और बदलते लुक को लेकर हुईं. सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल होते ही बॉडी शेमिंग और एज को लेकर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी सामने आया कि, क्या महिलाओं से हमेशा परफेक्ट दिखने की उम्मीद करना सही है?
टैलेंट से ज्यादा लुक!
करीब 24 सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा रहीं ऐश्वर्या राय को भारत ही नहीं, दुनिया भर में खूबसूरती की मिसाल माना जाता है. इस साल उन्होंने डिजाइनर अमित अग्रवाल के ब्लू गाउन में कान्स रेड कार्पेट पर कदम रखा. उनके लुक की तारीफ भी हुई, लेकिन कई लोगों ने उनके वेट और फेस में आए बदलावों पर कमेंट करने शुरू कर दिए. जर्निस्ट मृणाल पांडे के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को और हवा दे दी. उन्होंने लिखा कि ऐश्वर्या की नेचुरल ब्यूटी पहले जैसी नहीं रही. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने इस कमेंट का सपोर्ट किया, जबकि कई लोगों ने इसे बॉडी शेमिंग बताया.

पहले भी हुआ कुछ ऐसा
दरअसल, ये पहली बार नहीं है जब ऐश्वर्या को ऐसी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा हो. साल 2011 में बेटी आराध्या के जन्म के बाद भी उनके बढ़े हुए वजन को लेकर खूब बातें हुई थीं. हालांकि, ऐश्वर्या ने कभी इन कमेंट्स को ज्यादा इम्पोर्टेंस नहीं दी. इसके बाद भी वो हमेशा कॉन्फिडेंस के साथ पब्लिक इवेंट्स में नजर आईं. वहीं, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्वेता शर्मा मानती हैं कि ये पूरा मामला सिर्फ ऐश्वर्या का नहीं, बल्कि सोसाइटी की उस सोच का है जो महिलाओं की खूबसूरती को एक ही लेवल पर देखती है. उनके मुताबिक, लोग किसी महिला को ब्यूटी का सिंबल तो बना देते हैं, लेकिन ये एक्सेप्ट नहीं कर पाते कि उम्र बढ़ने के साथ बॉडी और चेहरे में बदलाव आना बिल्कुल नेचुरल है.
कंगना ने किया सपोर्ट
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत भी ऐश्वर्या राय बच्चन के सपोर्ट में सामने आईं. उन्होंने कहा कि फैशन और स्टाइल किसी को खुश करने के लिए नहीं होते. ये खुद को प्रेजेंट करने का तरीका है. इसके अलावा कंगना ने ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा कि लोगों को रेड कार्पेट पर उम्रदराज महिलाओं को देखने की आदत डालनी चाहिए. वहीं, कंगना के अलावा माधुरी दीक्षित ने भी इस तरह के कमेंट्स को गलत मैसेज बताया. उनका कहना है कि ऐश्वर्या को उनके वेट, ड्रेस, साइज या उम्र के बेस पर जज नहीं किया जा सकता. उन्होंने भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि कई पढ़ी-लिखी महिलाएं भी ऐसी ट्रोलिंग में शामिल हो जाती हैं. इससे पता चलता है कि खूबसूरती से जुड़े पुराने मानदंड समाज में कितनी गहराई तक बैठे हुए हैं. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म इंडस्ट्री में मेल आर्टिस्ट को उम्र बढ़ने की पूरी आजादी मिलती है. वो लंबे टाइम तक लीड रोल निभाते रहते हैं. वहीं, महिलाओं की चर्चा अक्सर उनके वेट, झुर्रियों और लुक तक लिमिटेड हो जाती है. देखा जाए तो, ऐश्वर्या राय को लेकर उठी ये बहस सिर्फ एक एक्ट्रेस की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो आज भी महिलाओं की कीमत उनके फेस और बॉडी से तय करने की कोशिश करती है. शायद अब टाइम आ गया है कि हम खूबसूरती के बजाय टैलेंट, कॉन्फिडेंस और पर्सनालिटी को ज्यादा इम्पोर्टेंस देना सीखें.
News Source: PTI
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