Bhojshala Case in Supreme Court: मध्य प्रदेश के धार जिले का भोजशाला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. मई में एमपी हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस परिसर को मां सरस्वती का मंदिर घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद से यहां हर रोज पूजा-अर्चना शुरू हो गई. इस फैसले का जहां हिंदू पक्ष ने स्वागत किया, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध जताया और उन्होंने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.
इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट भोजशाला परिसर पर एमपी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध- सुप्रीम कोर्ट
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों के एक समूह की सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की, जिसमें कहा गया था कि धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ के समक्ष मुस्लिम अपीलकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी और अधिवक्ता निजाम पाशा ने आग्रह किया कि इन याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है.
मुख्य न्यायाधीश ने अपीलकर्ताओं के वकीलों से याचिकाओं में मौजूद खामियों को दूर करने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें एक पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा.
15 मई को हाई कोर्ट ने सुनाया था फैसला
मालूम हो कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर पर एक फैसला सुनाया था. इस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि धार जिले में विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है.
साथ ही, न्यायालय ने दशकों पुराने एएसआई के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को उस स्थल पर शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी. हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि भोजशाला परिसर के प्रशासन और प्रबंधन के संबंध में केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) निर्णय ले सकते हैं.
हिंदू और मुस्लिम के अपने-अपने मत
बता दें कि हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इस 11वीं शताब्दी के स्मारक को कमाल मौला मस्जिद कहता है. विवादित परिसर की सुरक्षा एएसआई द्वारा की जाती है. मुस्लिम पक्ष ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.
हिंदू पक्षों ने सर्वोच्च न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि भोजशाला परिसर विवाद मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ किसी भी अपील पर सुनवाई किए बिना कोई आदेश पारित न किया जाए.
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News Source: PTI
