Disha Salian Case: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. करीब 6 साल बाद इस केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की एंट्री हो गई है. बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी. एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. खास बात ये है कि हाईकोर्ट ने CBI को जांच सौंपते हुए साफ कहा है कि फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया जाए. यानी जांच का फोकस सबूत जुटाने और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने पर रहेगा.
6 साल तक FIR क्यों नहीं हुई?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा सालियान की मौत की CBI जांच का आदेश दिया था. कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 6 साल तक FIR दर्ज नहीं होना गंभीर विषय है. कोर्ट के मुताबिक, पुलिस की जांच कई ऐसे सवाल खड़े करती है जिनके जवाब क्लियर नहीं हैं. कोर्ट ने ये भी कहा कि किसी जांच को बिना किसी ठोस निष्कर्ष के लंबे समय तक नहीं खींचा जा सकता. इसी वजह से मामले की उचित और प्रभावी जांच के लिए इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंपना जरूरी माना गया.
क्या हुआ था दिशा के साथ?
28 साल की दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी. मुंबई पुलिस ने उस समय इसे लेकर एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR दर्ज की थी. बाद में पुलिस की जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया. हालांकि, समय के साथ दिशा की मौत को लेकर कई सवाल उठते रहे. दिशा की मौत के करीब एक हफ्ते बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा वाले फ्लैट में मृत पाए गए. दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर कम होने की वजह से सोशल मीडिया पर दोनों मामलों के बीच कनेक्शन को लेकर कई तरह की बातें होने लगीं.
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सुशांत का केस भी पहुंचा था CBI तक
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद देशभर में लोगों का बड़ा गुस्सा देखने को मिला था. इसके बाद उनके मामले की जांच भी CBI को सौंपी गई थी. बाद में केंद्रीय एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा था कि सुशांत की मौत आत्महत्या की वजह से हुई थी. हालांकि, ये रिपोर्ट अभी भी अदालत के सामने विचार के लिए लंबित है. अब दिशा सालियान मामले में CBI की जांच शुरू होने से एक बार फिर इस पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजरें टिक गई हैं.
आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR की मांग
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने इस मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी. हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने किसी व्यक्ति के खिलाफ सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसके खिलाफ कार्रवाई करनी है या किसे आरोपी बनाया जाना चाहिए, इसका फैसला जांच एजेंसी के सबूतों के आधार पर करना होगा. आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और याचिका को झूठा बताया है.
हाईकोर्ट की शर्त
हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज CBI को सौंपने का निर्देश दिया है. साथ ही CBI को दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने को कहा गया है. लेकिन कोर्ट ने एक अहम बात साफ कर दी है कि, जांच के दौरान किसी व्यक्ति को सिर्फ आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जाएगा. किसी को आरोपी बनाने के लिए जांच अधिकारी के पास जुटाए गए सबूतों के आधार पर उचित संदेह के पर्याप्त आधार होने चाहिए. अगर CBI की जांच में ये सामने आता है कि किसी अपराध का मामला नहीं बनता, तो एजेंसी को अदालत के सामने उचित समरी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी. इसके बाद सतीश सालियान को उस रिपोर्ट को चुनौती देने का अधिकार भी रहेगा. फिलहाल CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब आने वाले समय में जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज, बयान और बाकी सबूत ये तय करेंगे कि दिशा सालियान की मौत के मामले में आखिर सच्चाई क्या थी.
News Source: PTI
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