Haiwaan Movie Review: बॉलीवुड में जब दो बड़े स्टार लंबे टाइम के बाद एक साथ स्क्रीन पर लौटते हैं, तो फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट अपने आप बढ़ जाती है. अगर इन दोनों स्टार्स के साथ डायरेक्टर प्रियदर्शन जैसा नाम जुड़ जाए, तो उम्मीदें और भी बड़ी हो जाती हैं. कुछ ऐसी ही उम्मीदों के बीच अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. रिलीज से पहले ही इस फिल्म ने काफी बज बना लिया था, क्योंकि इसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी 17-18 साल बाद फिर साथ आ रही है. लेकिन ‘हैवान’ की सबसे खास बात सिर्फ दो बड़े स्टार्स का रीयूनियन नहीं है. इस बार प्रियदर्शन कॉमेडी से हटकर एक डार्क और सीरियस थ्रिलर लेकर आए हैं. सैफ अली खान एक मार्शल आर्टिस्ट के रोल में हैं जो देख नहीं सकता. वहीं, अक्षय कुमार ने एक खतरनाक और बेरहम विलेन का रोल निभाया है. यानी जिस डायरेक्टर की फिल्मों को देखकर अब तक दर्शकों ने ठहाके लगाए हैं, वही इस बार डर और थ्रिल लेकर आ रहे हैं.

हैवान की कहानी
फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन वो फिर भी काफी स्मार्ट है. सैफ अली खान इस किरदार को निभा रहे हैं. उनका किरदार फिजिकली फीक लगता है, लेकिन वो अपनी समझ, सुनने की पावर और मार्शल आर्ट्स के हुनर का इस्तेमाल अच्छी तरह से करता है. दूसरी तरफ है अक्षय कुमार का किरदार, जो फिल्म में एक खतरनाक हैं. यहां अक्षय का काम सिर्फ हीरो की तरह स्क्रीन पर आना नहीं, बल्कि ऐसा रोल निभाना है जिससे दर्शकों को लगातार खतरे का एहसास हो. कहानी में क्राइम, बदला, सस्पेंस और एक मासूम जिंदगी की सुरक्षा जैसे कई एंगल जुड़े हैं. जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, सैफ का किरदार मुश्किल में फंसता जाता है. यही वो जगह है जहां ‘हैवान’ एक सिंपल एक्शन फिल्म से आगे निकलने की कोशिश करती है. यहां हीरो और विलेन के बीच सिर्फ मारधाड़ नहीं है, बल्कि दोनों के बीच दिमाग और हिम्मत की भी जंग भी होती है.
अक्षय कुमार का नया अंदाज
अक्षय कुमार ने अपने करियर में कॉमेडी, एक्शन, देशभक्ति, सामाजिक मुद्दों और निगेटिव शेड्स वाले किरदार तक निभाए हैं. लेकिन ‘हैवान’ में उनका अंदाज काफी अलग है. फिल्म में वो एक खतरनाक अंदाज़ में दिखाई दिए हैं. अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस ऐसी है कि जब उनका किरदार सामने आता है तो माहौल अपने आप सीरियस हो जाता है. उनके किरदार में वो चुलबुलापन नहीं है, जिसके लिए एक्टर की कई फिल्मों को याद किया जाता है. यहां उनका काम ऑडियन्स को हंसाना नहीं बल्कि बेचैन करना है. फिल्म के शुरुआती सोशल मीडिया रिएक्शन में भी अक्षय की परफॉर्मेंस काफी दमदार लगी. कई लोगों ने उनके इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की है.
फिल्म की बड़ी ताकत
अगर ‘हैवान’ में अक्षय कुमार खतरा हैं, तो सैफ अली खान उस खतरे के सामने खड़े किरदार हैं. सैफ का ब्लाइंड कैरेक्टर फिल्म की सबसे दिलचस्प चीजों में से एक है. किसी ऐसे किरदार को निभाना जो देख नहीं सकता, अपने आप में चैलेंज है. लेकिन जब उसी किरदार को एक्शन और मार्शल आर्ट्स सीक्वेंस भी करने हों, तो मुश्किल और बढ़ जाती है. यही वजह है कि फिल्म के एक्शन सीन सिर्फ स्टाइल के लिए नहीं बल्कि कहानी का अहम हिस्सा बन जाते हैं. दर्शक बार-बार ये सोचने पर मजबूर होते हैं कि जब सामने वाला दिखाई ही नहीं देता, तो वो दुश्मन की हरकतों को कैसे समझ रहा है. सैफ हर सीन में ओवर द टॉप जाने के बजाय किरदार की ताकत को बैलेंस करने की कोशिश करते हैं.

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17 साल बाद हुआ कमाल
‘हैवान’ का सबसे बड़ा अट्रैक्शन अक्षय कुमार और सैफ अली खान का रीयूनियन है. दोनों इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं. इस फिल्म के लिए दोनों की जोड़ी लगभग 17 साल बाद पर्दे पर लौटी है. दिलचस्प बात ये है कि इस बार दोनों की जोड़ी दोस्ती या कॉमेडी के लिए नहीं, बल्कि दुश्मनी के लिए बनी है. एक तरफ सैफ का शांत लेकिन मजबूत किरदार है, दूसरी तरफ अक्षय का खतरनाक अवतार. इन दोनों के आमने-सामने वाले सीन्स फिल्म की जान बनते हैं. इसके अलावा प्रियदर्शन का नाम सुनते ही दिमाग में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’, ‘गरम मसाला’ और उनकी कई कॉमेडी फिल्मों के सीन घूमने लगते हैं. हालांकि, ‘हैवान’ में उनका अलग मूड नजर आया है.
श्रिया पिळगांवकर का रूप
‘मिर्जापुर’ के बाद श्रिया पिळगांवकर के लिए ‘हैवान’ एक अलग तरह की फिल्म है. इस फिल्म में वो एक ग्लैमरस और अलग अंदाज में दिखाई दे रही हैं. खास बात ये है कि फिल्म में श्रिया ने अपना पहला बड़े लेवल का बॉलीवुड डांस नंबर भी किया है. ‘मैं तो नहीं हैवान’ गाने के जरिए उनका एक नया स्क्रीन अवतार देखने को मिल रहा है. ‘मिर्जापुर’ जैसी इंटेंस दुनिया से निकलकर ‘हैवान’ में उनका ये बदला हुआ रूप दर्शकों के लिए भी दिलचस्प है. वैसे, अक्षय कुमार, सैफ अली खान और श्रिया पिळगांवकर के अलावा फिल्म में सपोर्टिंग कास्ट भी काफी मजबूत है. वैसे भी, ‘हैवान’ सिर्फ अक्षय और सैफ की फिल्म नहीं है. इसमें बोमन ईरानी, शारिब हाशमी, सैयामी खेर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट मिला है. राजपाल यादव और असरानी जैसे कलाकार भी फिल्म के सपोर्टिंग हिस्से को मजबूत करते हैं. खास तौर पर जब फिल्म लगातार सीरियस और डार्क माहौल में चलती है, तब सपोर्टिंग कास्ट इस इंटेंस कहानी को अलग-अलग रगों से भरती है.
क्या फिल्म बहुत लंबी है?
‘हैवान’ को लेकर एक सवाल इसकी लंबाई को लेकर भी सामने आया है. कुछ क्रिटिक्स के मुताबिक फिल्म करीब 2 घंटे 47 मिनट की है. कुछ हिस्सों में कहानी थोड़ी खिंची हुई महसूस हो सकती है. वैसे भी, थ्रिलर फिल्मों में स्पीड बहुत खास होती है. थिएटर में बैठे लोग लगातार जानना चाहते हैं कि अगला ट्विस्ट क्या होगा. ऐसे में अगर कहानी कहीं धीमी पड़ती है, तो फिल्म का पूरा थ्रिल कम हो सकता है. हालांकि, जिन लोगों को डार्क क्राइम थ्रिलर, एक्शन और स्टार पावर पसंद है, उनके लिए फिल्म की लंबाई शायद बहुत बड़ी प्रोब्लम न बने. इन सबके अलावा ‘हैवान’ की सबसे बड़ी मज़बूती है इसका एक्शन.

बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत?
रिलीज से पहले ही ‘हैवान’ को लेकर काफी बातें हो रही थीं. हालांकि, एडवांस बुकिंग की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. फिल्म ने पहले दिन की एडवांस बुकिंग में करीब 2.76 करोड़ रुपये की कमाई की थी. अब फिल्म की असली परीक्षा सिनेमाघरों में दर्शकों के रिस्पॉन्स से होगी. वैसे तो, सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर काफी पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहे हैं. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कितनी लंबी दौड़ लगाएगी, ये वीकेंड के कलेक्शन से ज्यादा साफ होगा.
दर्शकों का रिएक्शन
फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया रिएक्शन में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी को सबसे ज्यादा बात हो रही है. दर्शकों ने फिल्म के डार्क प्लॉट, इंटेंस परफॉर्मेंस और दोनों स्टार्स के फेस ऑफ की काफी तारीफ की है. वहीं, कुछ लोगों ने ‘हैवान’ के पहले हिस्से को थोड़ा स्लो भी बताया है. यानी ‘हैवान’ को लेकर लोगों के रिएक्शन मिले-जुले हैं. कुछ लोगों को इसकी कहानी और माहौल पसंद आ रहा है. वहीं, कुछ को स्क्रीनप्ले और पेसिंग में कमी महसूस हुई है.

क्या देखनी चाहिए ‘हैवान’?
अगर आपको क्राइम थ्रिलर, सस्पेंस, एक्शन और बड़े स्टार्स वाली फिल्में पसंद हैं, तो ‘हैवान’ आपके लिए एक बढ़िया ऑप्सन हो सकती है. खासकर अक्षय कुमार को निगेटिव शेड में और सैफ अली खान को एक ब्लाइंड एक्शन कैरेक्टर में देखना अपने आप में फिल्म की बड़ी वजह है. फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके दोनों लीड एक्टर्स और उनका आमना-सामना है. प्रियदर्शन का थ्रिलर जोन में लौटना भी इसे अलग बनाता है. लेकिन अगर आप बहुत तेज स्पीड वाली थ्रिलर की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिल्म की लंबाई और कुछ हिस्सों की स्लो स्पीड आपको थोड़ी परेशान कर सकती है. कुल मिलाकर, ‘हैवान’ एक ऐसी फिल्म है जो अपने दो बड़े स्टार्स के दम पर दर्शकों को थिएटर तक खींचती है. फिर उन्हें एक अलग तरह की अक्षय-सैफ की टक्कर दिखाने की कोशिश करती है. ये फिल्म परफेक्ट थ्रिलर हो या नहीं, लेकिन दोनों कलाकारों को इतने लंबे टाइम के बाद एक-दूसरे के सामने देखना वाकई में इसका सबसे बड़ा अट्रैक्शन है. इसके अलावा प्रियदर्शन ने कॉमेडी की दुनिया से निकलकर थ्रिलर का दरवाजा खोला है. अब ये दर्शकों पर निर्भर है कि वो इस ‘हैवान’ को बॉक्स ऑफिस का शिकारी बनाते हैं या नहीं. इसका फैसला भी सोमवार को आने वाले बॉक्स ऑफिस कलेक्सन से हो जाएगा. पहला वीकेंड प्रियदर्शन की इस फिल्म की किस्मत का फैसला कर देगा.
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