Lalita Murder Case : प्रदेश प्रभारी राजेद्र पाल गौतम के नेतृत्व में कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल ललिता गौतम के परिजनों से मिलने के लिए मेरठ जा रहा था. इसी बीच पुलिस और प्रशासन ने उन्हें काशी टोल प्लाज पर रोक दिया और इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई. कांग्रेसी लगातार मांग कर रहे थे कि उन्हें दलित महिला के परिजनों से मिलना है लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया. इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद इमरान मसूद भी शामिल थे. बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा.
संसद में कांग्रेस उठाएगी मुद्दा
कांग्रेस ने अब घोषणा की है कि वह 27 जुलाई के जंतर-मंतर पर विरोध करेगी और वह संसद में भी इस मुद्दे को उठाएगी. वापस लौटने के बाद समाचार एजेंसी PTI से राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले जानकारी देने के लिए हमें रोका और इसके बाद कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए परिवार से मिलने की इजाजत देने से इनकार कर दिया. वहीं, आरोपों को लेकर सर्कल ऑफिसर शिव ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए आया था और फिर वापस चले गए. इसके बाद उन्होंने आगे टिप्पणी करने से मना कर दिया.
बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा उजागर किया
आपको बताते चलें कि 20 वर्षीय ललिता गौतम 15 मई को टीपी नगर इलाके से लापता हो गई थीं. इसके बाद 17 मई को रोहता इलाके में मृत पाई गईं. मुख्य आरोपी अंकुश कुमार (23) को 18 मई को गिरफ्तार किया गया और एक दूसरे आरोपी को सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इस घटना के बाद उसके परिवार और समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था. दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसने पार्टी की डबल इंजन सरकार का दलित-विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है.
SSP को सस्पेंड करने की मांग उठाई
इसी बीच राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस ने पहले पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, निष्पक्ष तेज, जल्द चार्जशीट दाखिल करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की थी. हालांकि, इन मांगों को अभी तक कोई प्राथमिकता नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहां पर कुछ अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को परिवार से मिलने की इजाजत दी गई. गौतम ने आगे कहा कि पार्टी यह प्रस्ताव दिया था कि प्रतिनिधिमंडल के केवल चार सदस्यों को पुलिस परिवार से मिलने ले जाए. इसके अलावा कांग्रेस ने सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) को सस्पेंड करने की भी मांग की है.
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