Heavy Rain: जम्मू इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से कई जगहों पर जमीन खिसकने और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा. जिससे हजारों वाहन जहां-तहां फंसे हुए हैं. हाईवे बंद होने से घाटी का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया है. घाटी के अन्य हिस्सों में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति रुक गई है. अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से हो रही बारिश के कारण 23 लोगों की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं. बचाव दलों ने बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी में लापता सात लोगों की तलाश तेज़ कर दी है. इन इलाकों में बाढ़ के रास्तों और अन्य संवेदनशील जगहों की जांच के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
250 किलोमीटर लंबा यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र ऐसी सड़क है जो हर मौसम में खुली रहती है. उधमपुर जिले के जखानी और रामबन जिले के बनिहाल के बीच कई जगहों पर लैंडस्लाइड, पत्थर गिरने और सड़क के धंसने के कारण यह हाईवे पांच जगहों पर बंद हो गया है. ट्रैफिक पुलिस की एक एडवाइज़री में कहा गया है कि कई जगहों पर लैंडस्लाइड और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही अभी भी बंद है. अधिकारियों ने बताया कि बहाली का काम चल रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने के काम में रुकावट आ रही है.
डोडा-किश्तवाड़ सड़क भी बंद
हाईवे बंद होने के कारण रामबन, नगरोटा, जम्मू, उधमपुर, लखनपुर और सांबा समेत कई जगहों पर 600 से ज़्यादा गाड़ियां फंसी हुई हैं. अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि जब तक मौसम ठीक न हो जाए और हाईवे को ट्रैफ़िक के लिए सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए, तब तक यात्रा न करें. नेशनल हाईवे के अलावा ज़िलों को जोड़ने वाली एक दर्जन से ज़्यादा सड़कें भूस्खलन, मडस्लाइड और सड़क के कटाव के कारण बंद रहीं. अधिकारियों ने बताया कि डोडा-किश्तवाड़ सड़क भी बंद रही. मौसम विभाग ने गुरुवार को कहा कि सांबा, कठुआ, उधमपुर और चेनाब घाटी ज़िलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जो बाद में दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी फैल सकती है.
भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार शाम तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया है और चेतावनी दी है कि शुक्रवार को एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण जम्मू-कश्मीर में एक और दौर की बारिश हो सकती है. भारी बारिश के बीच दक्षिण कश्मीर हिमालय और रियासी ज़िले में अमरनाथ, माता वैष्णो देवी और शिव खोड़ी के गुफा मंदिरों की तीर्थयात्रा भी गुरुवार को लगातार पांचवें दिन बंद रही. नतीजतन, 6,000 से ज़्यादा तीर्थयात्री जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, रामबन और बनिहाल में अलग-अलग बेस कैंप और ठहरने की जगहों पर फंसे हुए हैं. हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि तीर्थयात्रियों को ले जाने वाली कोई भी गाड़ी कश्मीर की ओर न जा सके. अचानक आई बाढ़ ने कई निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया, जिससे घरों, दुकानों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा.
चिनाब और तवी नदी खतरे के निशान से ऊपर
बुधवार रात पूरे जम्मू क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद अखनूर में चिनाब नदी और जम्मू में तवी नदी के साथ-साथ जम्मू क्षेत्र की अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं. लंबे समय तक हुई बारिश से पूरे क्षेत्र में सड़कों, पुलों, बिजली के बुनियादी ढांचे और जलापूर्ति प्रणालियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं. नागरिक प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों की टीमें फंसे हुए निवासियों को निकालने, संपर्क बहाल करने और नुकसान का आकलन करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं. रियासी में सबसे अधिक 119.5 मिमी बारिश दर्ज की गई.
MP में मौसम का ट्रिपल अटैक, 60 घंटे से नहीं थम रही बारिश, 17 जिलों में अलर्ट, नदियां-नाले उफान पर
News Source: PTI
