Home Latest News & Updates तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मेंगे ‘गोल्डन बेबी’: इतना महंगा गिफ्ट देकर ‘मामा’ का फर्ज निभाएगी सरकार

तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मेंगे ‘गोल्डन बेबी’: इतना महंगा गिफ्ट देकर ‘मामा’ का फर्ज निभाएगी सरकार

by Sanjay Kumar Srivastava 24 June 2026, 2:28 PM IST (Updated 26 June 2026, 12:43 PM IST)
24 June 2026, 2:28 PM IST (Updated 26 June 2026, 12:43 PM IST)
तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मेंगे 'गोल्डन बेबी': इतना महंगा गिफ्ट देकर 'मामा' का फर्ज निभाएगी सरकार

Gold Ring Scheme: तमिलनाडु में अब हर नवजात का ‘गोल्डन’ स्वागत होगा. सरकार मामा का फर्ज निभाते हुए हर नवजात को सोने की अंगुठी देगी. तमिलनाडु सरकार सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर नवजात के लिए ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना शुरू करने जा रही है. मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आगामी 15 सितंबर को पूर्व CM सीएन अन्नादुराई की जयंती पर इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च करेंगे. तमिल संस्कृति की पारंपरिक रस्म ‘थाइमामन सीर’ (मामा का उपहार) से प्रेरित इस योजना में सरकार खुद ‘मामा’ का फर्ज निभाएगी. इसके तहत हर बच्चे को 1 ग्राम सोने की अंगूठी (वर्तमान मूल्य लगभग 13,600 रुपए) देकर उसका स्वागत किया जाएगा.

सालाना खर्च होंगे 755.83 करोड़ रुपए

सरकार ने इस पर सालाना 755.83 करोड़ रुपए का बजट तय किया है. सुचारु संचालन के लिए एक विशेष ‘स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट’ भी बनाई जाएगी जो सीधे इस अनूठी योजना की निगरानी करेगी. सरकारी आदेश में कहा गया है कि इस योजना के ज़रिए सरकार अपने अस्पतालों में पैदा होने वाले हर बच्चे के लिए ‘मामन’ (मामा) की भूमिका निभाएगी और स्वागत के यादगार तोहफ़े के तौर पर सोने की अंगूठी देगी. यह योजना मुख्यमंत्री द्वारा 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव से पहले की गई घोषणा का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे राज्य में पैदा होने वाले हर बच्चे को मामा के तौर पर सोने की अंगूठी तोहफ़े में देंगे.

15 सितंबर को CM करेंगे लॉन्च

23 जून को जारी सरकारी आदेश (GO) में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले नवजात शिशुओं को दी जाने वाली एक ग्राम सोने की अंगूठी तारीफ़ और याद का एक प्रतीक है. यह ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ के ज़रिए बच्चे के जन्म का जश्न मनाने और मातृत्व की खुशी और महत्व को सेलिब्रेट करने का एक तरीका है. हालांकि सीएम विजय इस योजना को आधिकारिक तौर पर 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई की जयंती पर शुरू करेंगे, लेकिन यह योजना 22 जून (विजय के जन्मदिन) से ही लागू मानी जाएगी.

इस नई पहल के लिए हर साल लगभग 755.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सरकारी आदेश (GO) में कहा गया है कि तमिलनाडु में सोने का गहरा सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व है. नवजात शिशु को सोना भेंट करना बच्चे के आगमन का जश्न मनाने, मां की महान यात्रा का सम्मान करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को समुदाय के लिए गर्व का स्रोत बनाने जैसा है. साथ ही, यह तोहफ़ा एक स्थायी संपत्ति बना रहता है, जिससे संस्था के प्रति लंबे समय तक अच्छा भाव बना रहता है.

केवल तमिलनाडु के लोगों के लिए योजना

राज्य में हर साल लगभग 7.8 लाख डिलीवरी होती हैं. NFHS-6 के अनुसार, इनमें से 99.9 प्रतिशत डिलीवरी सरकारी या प्राइवेट हेल्थ सेंटर्स (संस्थागत डिलीवरी) में होती हैं. इनमें से सरकारी हेल्थ सेंटर्स में लगभग 4.2 लाख डिलीवरी (53 प्रतिशत) होती हैं. सरकारी अस्पतालों में प्रति डिलीवरी औसत खर्च (अपनी जेब से होने वाला खर्च) सिर्फ़ 1,364 रुपये है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में यह 63,473 रुपये है. यह स्कीम तमिलनाडु के रहने वाले लोगों के लिए है.

इन प्रमाण पत्रों की जरूरत

सरकारी सेंटर्स में डिलीवरी कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चों की माएं इस स्कीम के तहत फ़ायदा पाने की हकदार हैं. फ़ायदा पाने वालों को राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड, आधार, लेबर वेलफेयर बोर्ड द्वारा जारी आईडी कार्ड, पोस्ट डिपार्टमेंट द्वारा जारी एड्रेस प्रूफ कार्ड या नेटिविटी सर्टिफिकेट (मूल निवासी प्रमाण पत्र) के ज़रिए अपने रहने का सबूत देना होगा. सरकारी आदेश (GO) में कहा गया है कि यह स्कीम सभी नवजात बच्चों के लिए है, चाहे वे परिवार में किस क्रम (birth order) के बच्चे हों.

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News Source: PTI

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