Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी जंग कब खत्म होगी, इसका अंदाजा फिलहाल कोई नहीं लगा सकता है. दिन बीतने के साथ युद्ध और गहराता जा रहा है. रूस लगातार मिसाइल और ड्रोन से कीव पर जोरदार हमले कर रहा है, जबकि यूक्रेन रूसी हमलों का मुकाबला करने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है. मास्को की बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रभावी ढंग से जवाब देना कीव के लिए चुनौती बना हुआ है. रूसी हमलों में हर दिन किसी न किसी बहुमंजिला इमारत को भारी नुकसान पहुंच रहा है और कई लोगों की जान जा रही है. इसी कड़ी में यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों में रूस के ताजा हमलों में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई. वहीं, यूक्रेन ने भी रूस में एक और तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है.
रूस के बड़े पैमाने पर हो रहे हमलों के बीच कीव का कमजोर पड़ चुका एयर डिफेंस सिस्टम लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए संघर्ष कर रहा है. इन हमलों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है. दूसरी ओर रूस के तेल ठिकानों पर यूक्रेन के लगातार हमलों से ईंधन आपूर्ति पर भी असर पड़ा है, जिससे कई इलाकों में ईंधन की कमी की स्थिति पैदा हुई है और रूसी नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

रूसी ड्रोनों ने किया एक घर को तबाह
यूक्रेन की राजधानी कीव के उत्तर-पूर्व में स्थित कीव क्षेत्र के ब्रोवरी जिले में शनिवार तड़के कई रूसी ड्रोनों ने एक घर को निशाना बनाया. हमले में घर पूरी तरह तबाह हो गया और दादा-दादी समेत उनके 3 वर्षीय पोते की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, उसी परिवार के तीन अन्य सदस्य और राहत के लिए पहुंचे एक पड़ोसी भी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमले में घर मलबे में तब्दील हो गया. इसके अलावा आसपास की अन्य इमारतों और कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है. कीव शहर में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर छह बैलिस्टिक मिसाइलों से किए गए हमले में कम से कम एक और व्यक्ति की मौत हुई है.
वहीं, यूक्रेन की वायु सेना ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि रूस की ओर से रातभर में दागे गए 151 ड्रोनों में से 135 को मार गिराया गया या उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया. हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलों के अलावा अन्य गाइडेड मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया. यूक्रेन का आरोप है कि रूस लगातार उसके नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है. हालांकि, मॉस्को का दावा है कि उसकी सेना केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाती है. यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम में अमेरिकी निर्मित पैट्रियट सिस्टम के इंटरसेप्टर की कमी का फायदा भी रूस उठा रहा है.

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9,000 ड्रोन और मिसाइलें दागीं गईं
इसी बीच राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका समेत विभिन्न देशों से यूक्रेन को और अधिक गोला-बारूद उपलब्ध कराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त मात्रा में इंटरसेप्टर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते, तो यूक्रेन में ही पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर बनाने की व्यवस्था की जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने एलन मस्क से उनकी स्टारलिंक सैटेलाइट संचार प्रणाली के इस्तेमाल की अनुमति देने की भी मांग की. हालिया रूसी हमलों के बाद जेलेंस्की ने ‘X’ पर अपील करते हुए कहा कि रूस में बैलिस्टिक मिसाइलों के उत्पादन को रोकने के लिए और कड़े प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। उन्होंने यूक्रेन को अधिक एंटी-बैलिस्टिक क्षमताएं और इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने की भी मांग की.
वहीं, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पिछले महीने उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने करीब 5,300 ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया या निष्क्रिय किया. मंत्रालय के अनुसार, इसी अवधि में रूस की ओर से करीब 9,000 ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत को यूक्रेनी एयर डिफेंस ने रोक दिया. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी में ड्रोन का मलबा गिरने के बाद आग लग गई. इस घटना में छह लोग घायल हो गए. यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने दावा किया कि उसकी सेना ने क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित रिफाइनरी के अलावा रूस के भीतर करीब 800 किलोमीटर दूर समारा क्षेत्र में स्थित सिजरान ऑयल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया. हालांकि, समारा क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव ने कहा कि ड्रोन ने एक औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया, लेकिन उन्होंने रिफाइनरी का नाम नहीं लिया.

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रूसी रिफाइनरियों को पहुंचाया नुकसान
यूक्रेन द्वारा स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल कर रोजाना किए जा रहे लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमलों ने रूस की तेल सुविधाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है. इन हमलों के कारण रूस में ईंधन संकट गहराया है, जिससे क्रेमलिन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. ये ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शुक्रवार को सर्बिया की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे. सर्बिया उन चुनिंदा यूरोपीय देशों में शामिल है, जिसने यूक्रेन पर रूस के हमले के बावजूद मास्को के साथ अपने पारंपरिक रूप से करीबी संबंध बनाए हुए है. जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, यूरोपीय संघ के साथ संबंधों और ऐसे अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी, जहां व्यावहारिक सहयोग के अवसर तलाशे जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि बातचीत में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से शामिल होंगे.
जेलेंस्की ने की घातक हमलों की निंदा
इसके अलावा राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार को सर्बिया के दौरे के दौरान कीव पर रूस के हालिया घातक हमलों की निंदा की. इस दौरान सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने यूक्रेन को ‘दोस्त देश’ बताया और कहा कि यूक्रेनी नेता का स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है. यह आठ वर्षों में किसी यूक्रेनी राष्ट्रपति की पहली यात्रा थी. दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में अपने देशों की कोशिशों, द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. कीव के निवासियों को लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका मुकाबला करने में यूक्रेन की कमजोर पड़ चुकी वायु रक्षा प्रणाली को संघर्ष करना पड़ रहा है. यह सब मास्को के चार साल से चल रहे पूर्ण पैमाने के हमले के बीच हो रहा है, जबकि तेल सुविधाओं पर यूक्रेन के लगातार हमलों से ईंधन की कमी हो गई है और रूसी लोग परेशान हो गए हैं.

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सर्बिया पर EU बना रहा दबाव
हालांकि, वुसिक ने हमले के कारण रूस पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है. अब EU उन पर अपना रुख बदलने का दबाव बना रहा है. उन्होंने फिर कहा कि सर्बिया यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और यह रुख नहीं बदलेगा. जेलेंस्की ने यूक्रेन में हालात मुश्किल हैं. कल रात को हुए बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले में हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया. वहीं, रूसी मिसाइलों का यूक्रेन जिन पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर से सामना कर रहा था अब उसकी सप्लाई में भी काफी कमी आई है. उन्होंने कहा कि 2026 में ये मिसाइलें कम हैं. मैं ईमानदारी से कहूं तो सप्लाई के मामले में 2025 में इनकी संख्या ज्यादा थी. दूसरी तरफ वाशिंगटन इस बात पर सहमत हो गया है कि यूक्रेन अपने खुद के पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर बना सकता है, लेकिन वाशिंगटन अभी कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है.
नहीं दे पा रहा US एयर डिफेंस सिस्टम
यूक्रेन को अमेरिका से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है. इसकी एक वजह अमेरिकी रक्षा भंडार पर बढ़ता दबाव और अन्य सुरक्षा प्राथमिकताएं बताई जा रही हैं. इस बीच रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता पर दबाव बढ़ता जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार उन सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में है, जो युद्ध के दौरान यूक्रेन की मदद कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि हालिया रूसी हमलों में कीव में 17 लोगों की मौत हुई है. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि वह नाटो महासचिव मार्क रुटे और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब के साथ यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं.
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