Home लाइफस्टाइल हीमोग्लोबिन रिपोर्ट में छिपी सेहत की कहानी, ये सिर्फ एक नंबर नहीं; आपकी हेल्थ को लेकर बड़ा हिंट है

हीमोग्लोबिन रिपोर्ट में छिपी सेहत की कहानी, ये सिर्फ एक नंबर नहीं; आपकी हेल्थ को लेकर बड़ा हिंट है

by Preeti Pal 1 October 2026, 12:36 PM IST
1 October 2026, 12:36 PM IST
हीमोग्लोबिन रिपोर्ट में छिपी सेहत की कहानी, ये सिर्फ एक नंबर नहीं; आपकी हेल्थ को लेकर बड़ा हिंट है

Hemoglobin: हीमोग्लोबिन यानी Hb रिपोर्ट में लिखा एक नंबर देखने में भले ही नॉर्मल लगे, लेकिन ये आपकी सेहत के बारे में काफी कुछ बता सकता है. हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है, जिसका मुख्य काम शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाना है. जब इसका लेवल नॉर्मल से कम हो जाता है, तो इसे एनीमिया कहा जाता है. एनीमिया होने पर शरीर जल्दी थक सकता है. कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, सांस फूलना और थोड़े काम के बाद ही थकान महसूस होना इसके आम संकेत हो सकते हैं. इसलिए Hb रिपोर्ट को सिर्फ एक नंबर मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.

हर उम्र के लिए अलग लिमिट

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के अनुसार, एनीमिया की गंभीरता उम्र और वर्ग के हिसाब से अलग-अलग तय की जाती है. 6 से 59 महीने के बच्चों में Hb 10 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का एनीमिया, 7 से 9.9 मध्यम और 7 से कम गंभीर एनीमिया का संकेत माना जाता है. 5 से 11 साल के बच्चों में 11 से 11.4 हल्का, 8 से 10.9 मध्यम और 8 से कम गंभीर एनीमिया माना जाता है. 12 से 14 साल के बच्चों में 11 से 11.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 8 से 10.9 मध्यम और 8 से कम गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है. 15 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं में Hb 11 से 11.9 हल्का, 8 से 10.9 मध्यम और 8 से कम गंभीर एनीमिया का संकेत हो सकता है.

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गर्भावस्था में खास ध्यान

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए Hb की लिमिट अलग होती है. 10 से 10.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 7 से 9.9 मध्यम और 7 से कम गंभीर एनीमिया माना जाता है. वहीं, 15 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों में 11 से 12.9 ग्राम/डेसीलीटर हल्का, 8 से 10.9 मध्यम और 8 से कम गंभीर एनीमिया का संकेत हो सकता है.

रिपोर्ट कम आए तो क्या करें?

सबसे जरूरी बात ये है कि Hb कम आने पर खुद से आयरन की दवा शुरू न करें. एनीमिया के पीछे आयरन या विटामिन की कमी, रक्तस्राव, संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर कारण की जांच कराना बेहतर है. खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फलियां और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना मददगार हो सकता है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सप्लीमेंट भी दे सकते हैं. यानी अगली बार Hb रिपोर्ट हाथ में आए, तो सिर्फ नंबर देखकर परेशान या बेफिक्र न हों, बल्कि उसे समझने की कोशिश करें.

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