Fiber Rich Diet: आजकल फिट रहने के लिए लोग जिम से लेकर अलग-अलग डाइट प्लान तक आजमाते हैं. लेकिन कई बार फिटनेस का राज किसी महंगे सप्लीमेंट में नहीं, बल्कि हमारी रोज की थाली में छिपा होता है. अगर आपकी थाली में फाइबर से भरपूर चीजें हैं, तो ये डाइजेशन को बेहतर रखने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद कर सकती हैं. फाइबर हमारी डाइट का वो हिस्सा है, जिसे शरीर पूरी तरह पचा नहीं पाता, लेकिन ये सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. एक एडल्ट को आमतौर पर रोज करीब 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है. इसके लिए फल, सब्जियां, दालें, फलियां और साबुत अनाज को अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.
फल खाइए, पेट को रखिए खुश
फलों में घुलनेवाले और ना घुलने वाले, यानी दोनों तरह के फाइबर होते हैं. ये पाचन तंत्र को बेहतर रखने और कब्ज जैसी परेशानी से बचाने में मदद कर सकते हैं. फाइबर वाली चीजें खाने के बाद पेट लंबे टाइम तक भरा हुआ लगता है. ऐसे में बार-बार स्नैकिंग या बेवक्त खाने की इच्छा कम हो सकती है, जो वेट मैनेजमेंट में भी मदद करती है. सेब, अमरूद, नाशपाती जैसे फलों को रोज की डाइट में जगह देना एक आसान शुरुआत हो सकती है.
इन चीज़ों के बिना थाली अधूरी
आपकी थाली में रंग जितने ज्यादा होंगे, डाइट उतनी ही हेल्दी हो सकती है. हरी सब्जियों से लेकर गाजर, बीन्स और दूसरी मौसमी सब्जियों तक, इनमें फाइबर के साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं. फाइबर ब्लड ग्लूकोज के लेवल को मैनेज करने और पेट को लंबे टाइम तक भरा रखने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि बैलेंस डाइट में सब्जियों को जरूर रखना चाहिए.
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प्रोटीन और फाइबर
भारतीय थाली में दाल की अपनी खास जगह है और ये सिर्फ स्वाद के लिए नहीं है. दालें प्लांट बेस्ड प्रोटीन के साथ फाइबर का भी अच्छा सोर्स हैं. इनमें आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम पाया जाता है. दाल में मौजूद फाइबर डाइजेशन को इजी रखने और कब्ज से बचने में मदद कर सकता है. साथ ही, कई दालों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
साबुत अनाज को दें जगह
अगर आपकी थाली में सफेद चावल या रिफाइंड अनाज की जगह कभी-कभी साबुत अनाज शामिल हो जाएं, तो डाइट में फाइबर बढ़ाया जा सकता है. साबुत अनाज में फाइबर के अलावा विटामिन बी, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया और साबुत गेहूं जैसे ऑप्शन रोज की डाइट में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं.
सलाद की प्लेट
खाने के साथ सलाद सिर्फ प्लेट की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं होता. खीरा, गाजर, टमाटर और दूसरी सब्जियों से बना सलाद डाइट में फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका है. ये डाइजेशन को सपोर्ट करता है और पेट को भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है. वैसे, याद रखें, फाइबर बढ़ाते समय पानी की सही मात्रा लेना भी जरूरी है. सबसे अच्छा तरीका यही है कि फाइबर को धीरे-धीरे डाइट में बढ़ाएं और अपनी थाली को फल, सब्जी, दाल, साबुत अनाज और सलाद से बैलेंस रखें. छोटी सी आदत आपकी रोज की थाली को ज्यादा हेल्दी और पेट को ज्यादा खुश बना सकती है.
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