Home स्वास्थ्य भीषण गर्मी का कहर, 3 प्राणायाम को बनाइए दिनचर्या का हिस्सा, ठंडक और शांति के लिए औषधि से कम नहीं

भीषण गर्मी का कहर, 3 प्राणायाम को बनाइए दिनचर्या का हिस्सा, ठंडक और शांति के लिए औषधि से कम नहीं

by Sachin Kumar 25 May 2026, 7:49 PM IST
25 May 2026, 7:49 PM IST
three Pranayamas part your daily routine

Three Pranayama : देश के कई इलाकों में इस वक्त जला देने वाली गर्मी और लू पड़ रही है. आमतौर पर लोग गर्मी से बचाव के लिए ठंडे पेय पदार्थ का सहारा लेते है. हालांकि, आपको पता है कि आप सुबह कुछ प्राणायाम को सामान्य जीवन का हिस्सा बनाकर हीटवेव के खिलाफ अपनी इम्यूनिटी को भी मजबूत सकते हैं.

शीतली प्राणायाम

गर्मियों में सबसे प्रभावी प्राणायाम शीतली प्राणायाम को माना गया है. यह हमारे शरीर की गर्मी कम करने, मानसिक तनाव घटाने और मन को शांत रखने में मदद करता है. इस प्राणायाम में जीभ को मोड़कर मुंह से ठंडी हवा अंदर ली जाती है और नाक से श्वास छोड़ी जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित अभ्यास से लू, Acidity और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. सर्वप्रथम आराम से बैठ जाएं. इसके बाद सहज अवस्था में जीभ को नली (tube) जैसा मोड़ें लेंवे. मुंह से धीरे-धीरे ठंडी हवा अंदर लें और मुंह बंद करके श्वास रोकें. अंत में फिर नाक से धीरे-धीरे श्वास छोड़ें.

Three Pranayama

लाभ

  • बॉडी की गर्मी कम करता है
  • तनाव और गुस्सा शांत करता है
  • लू और अत्यधिक प्यास में राहत
  • BP और Acidity में सहायक

शीतकारी प्राणायाम

शरीर को सीधा करें, एक सहज स्थान पर बैठ जावें. अब अभ्यास को शुरु करने के लिए खुद को तैयार करें, दांत हल्के खोलें और दांतों के बीच से श्वास अंदर लें. नाक से धीरे-धीरे श्वास बाहर छोड़ें.

three Pranayamas part your daily routine

    फायदे

    • शरीर को ठंडक
    • मन शांत
    • excessive heat और चिड़चिड़ापन से राहत

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    चंद्र भेदन प्राणायाम

    ‘चंद्र’ का सामान्य शब्दों में मतलब चांद से. जो ठंडक का प्रतीक माना गया है. जिसमें लेफ्ट नाक से श्वास लेना बताया गया है जबकि राइट नाक से श्वास को छोड़ने को कहा गया है.

    three Pranayamas part your daily routine

      फायदे

      • शरीर और दिमाग को ठंडा करता है
      • Anxiety कम करता है
      • नींद बेहतर बनाता है

      बरतें ये सावधानियां

      प्राणायाम को करने से पहले कुछ सामान्य सावधानियों का यथासंभव पालन करना चाहिए. सर्वप्रथम खाली पेट ही यह अभ्यास करें, योगशास्त्र में अभ्यास का सही वक्त सुबह को बेहतरीन बताया गया है. साथ ठंडी जगह या एसी वाले स्थान पर अभ्यास करने से बचें, अस्थमा, लो बीपी या गंभीर बीमारी होने पर अभ्यास से परहेज करें. ऐसी स्थिति में डॉक्टर के परामर्श के बाद ही प्रैक्टिस करनी चाहिए.

      लेखक- लक्ष्मीनारायण

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