Iran-US Talks : पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय शांति वार्ता हुई. इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य लेबनान में इजरायली हमलों को खत्म करवाना था. साथ ही दोनों पक्षों के बीच 60 दिनों के लिए शांति स्थापित करने पर सहमति बनी है और इस दौरान ईरान-अमेरिका उन 14 प्वाइंट पर वार्ता करेंगे जिन पर असहमतियां हैं. इसी बीच चीन ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पाकिस्तान की कोशिशों को अटूट समर्थन देने का वादा किया है.
चीन ने दी पाकिस्तान नेतृत्व को बधाई
इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के नेतृत्व को बधाई दी. साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में अटूट समर्थन का वादा किया. बयान में कहा गया है कि बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और उनकी चीन समकक्ष के बीच फोन पर चर्चा हुई. यह पूरी बातचीत ईरान-अमेरिका शांति प्रक्रिया पर केंद्रित थी. वहीं, विदेश मंत्री वांग यी ने शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान की अथक कोशिशों की तारीफ की.
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हाई लेवल कमेटी रखेगी निगरानी
साथ ही पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के लिए चीन के अटूट समर्थन को फिर से दोहराया है. यूएन चार्टर में बताए गए तरीकों से विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के महत्व पर जोर दिया. बयान के अनुसार, इशाक डार ने बताया कि बातचीत के बाद एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो मध्यस्थता प्रक्रिया की देखरेख करेगी. यह कमेटी उस समझौते के तहत काम करेगी, जिस पर अमेरिका और ईरान के बीच पिछले हफ्ते MoU पर साइन किए गए थे.
60 दिनों तक होना है अंतिम समझौता
इसके अलावा परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों और निगरानी पर ध्यान देने के लिए तीन वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं. इनका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौता करवाना है. इसमें कहा गया है कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है. साथ ही दुश्मनी खत्म करने के लिए स्थायी शांति, साझा विकास और सबकी खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने के पाकिस्तान और चीन के संकल्प को दोहराया.
