Home Top News समझौता मंजूर नहीं, केवल CBI जांच: सरकार से वार्ता बेनतीजा, 10 को विधानसभा घेरेंगे युवा

समझौता मंजूर नहीं, केवल CBI जांच: सरकार से वार्ता बेनतीजा, 10 को विधानसभा घेरेंगे युवा

by Sanjay Kumar Srivastava 9 August 2026, 8:42 PM IST (Updated 9 August 2026, 8:43 PM IST)
9 August 2026, 8:42 PM IST (Updated 9 August 2026, 8:43 PM IST)
समझौता मंजूर नहीं, केवल CBI जांच: सरकार से वार्ता बेनतीजा होने के बाद 10 को झारखंड विधानसभा घेरेंगे युवा

Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे छात्र CBI जांच की अपनी मांग पर अड़े रहे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है. सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का एक और दौर बेनतीजा रहा, हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, सिवाय JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग के. सरकारी पैनल के साथ बातचीत के छठे दौर के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हमारी ज़्यादातर मांगें मान ली गई हैं, जिसमें 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग भी शामिल है. लेकिन जब तक CBI जांच की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम कोई समझौता नहीं करेंगे. हम 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक प्रस्तावित मार्च जारी रखेंगे.

वित्तीय धांधली की होगी ED जांच

तकनीकी और उच्च शिक्षा मंत्री और पैनल के सदस्य सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन वह JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच की मांग को मानने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित की गई थी. कुमार ने कहा कि हमने छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत की. झारखंड सरकार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच की सिफारिश करेगी. अब वे तय करेंगे कि आंदोलन वापस लेना है या नहीं. उन्होंने एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का भी ऐलान किया, जो परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करेगा. उन्होंने कहा कि परीक्षा में सुधार के सुझाव देने के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को मिलाकर एक पैनल भी बनाया जाएगा.

बातचीत से ही समस्याओं का समाधान

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार JSSC-CGL परीक्षा की जांच के लिए हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पैनल बनाने पर सहमत हो गई है. इससे पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे युवाओं को पारदर्शिता के साथ न्याय दिलाने का वादा किया. उन्होंने कहा कि बातचीत से ही घर की सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए निहित स्वार्थ वाले लोग पूरी ताकत से काम कर रहे हैं.

गुमराह न हों युवाः सोरेन

उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वालों को युवाओं को गुमराह करने के खिलाफ चेतावनी दी. सोरेन ने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी भी चिंता है और परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य की आत्मनिर्भरता को स्वीकार न कर पाने वाले निहित स्वार्थ वाले लोग झारखंड में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. बातचीत से ही सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है.

रांची आंदोलन का आज 16वां दिन, छात्रों और सोरेन सरकार के बीच होगी छठे दौर की बातचीत

News Source: PTI

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