Home Top News मसूद पेजेश्कियान आएंगे भारत, ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा; जानें क्या हैं इसके राजनीतिक मायने?

मसूद पेजेश्कियान आएंगे भारत, ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा; जानें क्या हैं इसके राजनीतिक मायने?

by Sachin Kumar 14 August 2026, 5:20 PM IST (Updated 14 August 2026, 5:50 PM IST)
14 August 2026, 5:20 PM IST (Updated 14 August 2026, 5:50 PM IST)
Masoud Pezeshkian to visit India

BRICS Summit 2026: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भारत का दौरा करेंगे. वह आगामी BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे. ईरानी सूत्रों के मुताबिक, पेजेशकियान 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सितंबर में भारत का दौरा करेंगे. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और संकट चरम पर है.

ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता आयोजित किया जा रहा. यह सम्मेलन भारत के ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ विषय पर आयोजित किया जा रहा है. भारत ने 2026 की शुरुआत में ब्राजील से ब्रिक्स की अध्यक्षता प्राप्त की थी.

सऊदी के बड़े तेल रीफाइनरी पर हूतियों का ड्रोन हमला,होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने रखी ये नई शर्त

क्यों है ईरानी राष्ट्रपति का ये दौरा महत्वपूर्ण?

पेजेशकियान का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि वह दो साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. आखिरी मुलाकात अक्तूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई थी. साल 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ईरान भी ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था. इसके अलावा इंडोनेशिया 2025 में ग्रुप का सदस्य बना था और उसके बाद ब्रिक्स देशों की संख्या 11 पहुंच गई.

विदेश मंत्रियों की भी हुई थी बैठक

इससे पहले जून में विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए ईरान अब्बास अरागची नई दिल्ली आए थे. बैठक पूरी होने के बाद अरागची ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने दुनिया में शांति लाने वाले देश के तौर पर नई दिल्ली के बढ़ते प्रभाव पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है. इस दौरान अरागची ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान सशस्त्र संघर्ष में कोई समाधान नहीं देखता है. साथ ही मौजूदा समय में संकट को खत्म करने के लिए सैन्य अभियान कोई समाधान नहीं है. यह सिर्फ बातचीत के माध्यम से ही खत्म किया जा सकता है.

ट्रंप के खिलाफ ईरान का ‘टाइमिंग गेम’! होर्मुज पर दबाव बढ़ाकर US को झुकाने की कोशिश, जानें प्लान?

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?