Home Top News ‘एक पर हमला, तीनों पर वार’… पाक, सऊदी और तुर्की का बड़ा रक्षा दांव, क्या बना इस्लामिक NATO?

‘एक पर हमला, तीनों पर वार’… पाक, सऊदी और तुर्की का बड़ा रक्षा दांव, क्या बना इस्लामिक NATO?

by Sachin Kumar 7 August 2026, 6:13 PM IST
7 August 2026, 6:13 PM IST
Pakistan Saudi Turkiye sign joint defence agreement

Collective Security: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने शुक्रवार को जेद्दा में ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है. इसके तहत अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और सभी मिलकर उसका जवाब देंगे. एक संयुक्त बयान के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मक्का के अल-सफा पैलेस में आयोजित बैठक के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.

तीनों के खिलाफ होगी जंग

बयान में कहा गया है कि ‘संयुक्त रक्षा के लिए मक्का अल-मुकर्रमा शिखर सम्मेलन’ के दौरान हस्ताक्षर किए गए इस समझौते का उद्देश्य किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है. समझौते में प्रावधान किया गया है कि अगर तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और इसके खिलाफ संयुक्त प्रतिक्रिया दी जाएगी.

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बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य तक पहुंच गया है. ऐसे में इस समझौते को खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कई रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान समेत 14 देशों ने इस पहल का समर्थन किया है.

सुरक्षा और स्थिरता को मिलेगा बढ़ावा

मक्का समझौते का उद्देश्य तीनों देशों की सामूहिक सुरक्षा को और मजबूत करना, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना है. इसके साथ ही इसका लक्ष्य एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए आपसी सहयोग को बढ़ाना भी है. आपको बताते चलें कि पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान और सऊदी अरब ने ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत भी किसी एक देश पर हमला दोनों देशों के खिलाफ आक्रामकता माना जाएगा. इसके अलावा समझौते के तहत पाकिस्तान ने संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा सहयोग और सऊदी अरब की सुरक्षा जरूरतों में सहायता के लिए वहां अपने सैन्य कर्मियों और विमानों की तैनाती की है.

इस्लामी एकजुता को भी बताया आधार

वहीं, मक्का समझौते को तीनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंधों, भाईचारे और इस्लामी एकजुटता पर आधारित बताया गया है. शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान तीनों पक्षों ने आपसी संबंधों की समीक्षा की और साझा हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, बैठक से पहले पीएम शहबाज शरीफ और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की.

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