Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते का स्वागत किया. उन्होंने इस डील को साहसी और महत्वपूर्ण कदम बताया है. डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान तीनों देशों के बीच हुए ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर करने के कई दिन बाद आया है. इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमले का मतलब है कि तीनों पर सैन्य कार्रवाई कर दी गई है.
मिडिल ईस्ट एकजुट हो रहा : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल की एक पोस्ट में लिखा कि यह देखकर बहुत खुशी हुई कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हाल ही में और आखिरकार ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे पता चलता है कि मिडिल ईस्ट कैसे एकजुट हो रहा है और देश आखिरकार कैसे ज्यादा असरदार तरीके से अपनी सुरक्षा कर पाएंगे. ट्रंप ने आगे लिखा, इन तीनों देशों के बेहतरीन नेतृत्व को बधाई. यह एक बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी दी थी प्रतिक्रिया
तीनों देशों के बीच में हुए रक्षा समझौते पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा था कि जहां तक इस समझौते की बात है, हम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के नजरिए से इसके असर की जांच कर रहे हैं. जायसवाल ने आगे कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाएगा.
बीते दिनों पहले हुआ था रक्षा समझौता
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को जेद्दा में ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है. इसके तहत अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और सभी मिलकर उसका जवाब देंगे. एक संयुक्त बयान के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मक्का के अल-सफा पैलेस में आयोजित बैठक के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.
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News Source: PTI
