UN News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों और संघीय सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले दो हफ्तों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सरकार इन प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश कर रही है. इसी के तहत पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग भी शुरू कर दिया है.
पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर दुनियाभर में आलोचना हो रही है. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी PoK की स्थिति पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.
लोगों की मौत की हो निष्पक्ष जांच
महासचिव के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र को उम्मीद है कि मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क की अपीलों पर ध्यान दिया जाएगा. तुर्क ने प्रदर्शनकारियों की मौत की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है. इसके अलावा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के उल्लंघन और इंटरनेट के इस्तेमाल तथा सार्वजनिक सभाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है.
फरहान हक ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हर जगह अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए और यह सिद्धांत पाकिस्तान में भी लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण लोगों को नुकसान पहुंचा है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
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बुनियादी जरूरत का सामान रोका
शहबाज सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को झुकाने के लिए सब्जी, दूध और पानी जैसे बुनियादी सामान की नाकेबंदी कर दी है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जरूरी चीजों को ढोने वाले ट्रकों को रोका जा रहा है. हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारी लगातार इस आरोप को खारिज कर रहे हैं लेकिन जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. अब लोगों के यहां पर खाने तक की भी कमी होती जा रही है.
JAAC ने किया चक्का जाम
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की तरफ से शटडाउन के बाद से ही लोगों को जरूरी सामान की सप्लाई नहीं हो पा रही है. इसी बीच पाकिस्तान सरकार की तरफ से सप्लाई रोकने के बाद आम जन जमीन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. ऐसे में अब लोगों में भी सरकार के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है और वह शहबाज सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारी बिजली की ऊंची कीमत, महंगाई, सस्ते गेहूं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व समेत कई मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. आंदोलन के पीछे लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और आर्थिक मांगें भी प्रमुख वजह हैं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विधानसभा में जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों का मुद्दा भी शामिल है. उनका आरोप है कि इन सीटों की व्यवस्था के कारण स्थानीय लोगों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है. इसके अलावा प्रदर्शनकारी बिजली की दरों में कमी, सस्ते गेहूं और आम लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी कर रहे हैं.
News Source: PTI
