US And Iran Strikes: कुछ दिन पहले पश्चिम एशिया में संघर्ष को रोकने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता हुआ था. इसकी मध्यस्थता पाकिस्तान और कतर ने की थी, लेकिन इसके बाद भी ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर हमला करने लगे. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने होर्मुज में जहाजों पर हमला किया, इसकी जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान पर हमला किया.
हालांकि, अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान ने इसके सैन्य ठिकानों वाले देश बहरीन और कतर पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर दिया था. अब दोनों ओर से हमले को रोकने की खबर सामने आई है. इसके साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच अगले दौर की वार्ता पर भी चर्चा होने लगी है.
यूएस और ईरान में आगे की बातचीत पर टकराव
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को यूएस और ईरान ने अलग-अलग घोषणा की कि वे इस सप्ताह कतर में प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे. हालांकि, तेहरान ने जोर देकर कहा कि उसने वीकेंड में फारस की खाड़ी में हुए हमलों के बाद युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत को चुनौती देने के बाद अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बैठक करने पर सहमति नहीं जताई है.
वहीं, अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी समकक्षों के साथ बैठक का अनुरोध किया था और वे मंगलवार को कतर के दोहा में बैठक करने की योजना बना रहे हैं.
लेकिन ईरान के एक वरिष्ठ वार्ताकार ने ट्रंप के इस दावे और वार्ता निर्धारित होने से इनकार किया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान वार्ता में प्रमुख मध्यस्थ कतर में अपना प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है ताकि अमेरिका को शामिल किए बिना अंतरिम समझौते की शर्तों पर चर्चा की जा सके.
किसी भी वार्ता की पुष्टि नहीं- ईरान
जानकार बता रहे हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच अगले दौर की बातचीत को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है. सोमवार सुबह प्रेसिडेंट ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहे जाने के बाद कि अमेरिका और ईरान की मुलाकात की योजना है, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सन-इन-लॉ जेरेड कुशनर कतर के लिए रवाना हो रहे हैं. पाकिस्तान, जो एक प्रमुख मध्यस्थ भी है, ने कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता मंगलवार को फिर से शुरू होगी.
लेकिन ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार काजेम गरीबाबादी ने ईरानी सरकारी मीडिया में प्रकाशित बयान में कहा कि किसी भी वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह कतर की यात्रा कर रहा है ताकि ईरान की जब्त संपत्तियों की प्रस्तावित रिहाई और समझौते से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जा सके.
बगाई ने कहा, “आगामी दिनों में किसी भी स्तर पर अमेरिकी पक्ष के साथ कोई वार्ता बैठक निर्धारित नहीं है.” हालांकि, इससे दोनों पक्षों के बीच कतर को संदेश भेजे जाने की संभावना बनी रही.
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News Source: PTI
